Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट में कारोबार करने में सहूलियत में रियायतों सहित कर सकती हैं कईं बड़े ऐलान

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट में कारोबार करने में सहूलियत में रियायतों सहित कईं बड़े ऐलान कर सकती हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट में ऐसे ऐलान कर सकती हैं, जो चीन की इकोनॉमी को और झटका दे सकती है. विदेशी कंपनियां पहले से ही चीन से मुंह मोड़ रही हैं. वहीं भारत में विदेशी निवेश के लिए बन रहे माहौल से उनकी टेंशन और बढ़ सकती है
बजट 2024 की घोषणाओं को लेकर उम्मीदों का कयास तेज है. चुनावी साल है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री बड़े ऐलान कर सकती है, लेकिन खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कह चुकी हैं कि इस बजट में बड़े ऐलानों की संभावनाएं बहुत कम है. हालांकि ऐसे ऐलान हो सकते हैं जो चीन का चैन छीनने के लिए काफी है. भले रही ये बजट अंतरिम बजट हो, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इस साल का बजट चीन को चुनौती देने वाला हो सकता है
बजट में क्या हो सकता है खास ?
चूंकि ये चुनावी साल है, ऐसे में वित्त मंत्री की कोशिश होगी कि बजट में ऐसे प्रावधान लाएं, जो सरकार की मजबूती को दिखाएं. सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले ऐलान कर लोगों को लुभा सकती है. अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सरकार अभी मजबूत है. भारत की इकोनॉमी तेज रफ्तार से भाग रही है. भारत सप्लाई चेन की बड़ी कड़ी बनकर उभर रहा है. सरकार ऐसे कदम उठा रही है, जो विदेशी कंपनियों को अपनी ओर आकर्षित करें. मेक इन इंडिया, पीएलआई स्कीम सरकारी की इसी दिशा में कोशिश है. सरकार विदेशी कंपनियों को भारत आकर कारोबार करने के लिए अच्छा मौहाल तैयार कर रही है.
माना जा रहा है कि वित्त मंत्री इस बार बजट में ऐसे ऐलान कर सकती हैं, जो भारत को विदेशी कंपनियों के लिए फ्रेंडली कंट्री के तौर पर उभारे. दुनियाभर के देशों के लिए भारत सप्लाई चेन बनकर उभरे. विदेशी निवेश, कारोबार करने में सहूलियत में रियायतों से जुड़े ऐलान कर सकती है. टैक्स में छूट, सब्सिडी जैसे ऐलान कर विदेशी कंपनियों के लिए लुभावने अनाउंसमेंट हो सकते हैं.
विदेशी कंपनियों के लिए भारत चीन का बड़ा विकल्प बनकर उभर रहा है. चीनी सरकार के कारोबार में दखल और सख्त नियमों से विदेशी कंपनियां परेशान हैं. ऐसे में भारत में निवेश के लिए बेहतर माहौल के चलते विदेशी कंपनियां इधर का रूख कर रही है. माना जा रहा है कि बजट में इस माहौल को और बेहतर बनाने औप विदेशी निवेश को बढ़ाने के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं. अगर ऐसी घोषणाएं होती है तो चीन की मुश्किल और बढ़ेगी.
मुश्किल में चीन
चीन पहले से मुश्किल में है. उसकी इकोनॉमी बुरे दौर से गुजर रही है.चीनी सरकार की नीतियों और सख्त नियमों की वजह से विदेशी कंपनियां चीन से मुंह मोड़ रही है. ऐसे में भारत की ओर आकर्षित होती विदेशी कंपनियों से चीन की परेशानी और बढ़ सकती है. ये जगजाहिर है कि चीन जितना अपने दुख से दुखी नहीं होता, उतना भारती क तरक्की से जलता है. ऐसे में चीन की घोषणाएं चीन को टेंशन दे सकती है.







