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BSP और SP विधायकों का खुलासा, कहा- BJP ने नहीं बनाया हमें बंधक

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार राजनीतिक घटनाक्रम बदल रहा है। विधायकों को बंधक बनाने और करोड़ों रुपए के ऑफर के आरोप लगाने के बीच सपा विधायक राजेश शुक्ला ने इस बात से इनकार किया है। विधायक का कहना है कि उन्हें किसी ने भी बंधक नहीं बनाया था। बता दें कि कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा नेताओं पर कुछ विधायकों को बंधक बनाकर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया है। इसी तरह बसपा विधायक संजीव कुशवाहा ने भी बंधक बनाने के आरोप से इनकार किया।

इस बीच पथरिया की विधायक रामबाई ने भी उन्हें बंधक बना कर ले जाने की किसी भी घटना से इंकार तो किया ह कहा कि अभद्रता या मारपीट के आरोपों पर तो उल्टा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को ही घेर लिया। उन्होंने कहा कि किसी की हिम्मत नहीं जो रामबाई को हाथ भी लगा सके।

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि 10 विधायकों को बीजेपी धनबल और गुमराह करके गुरुग्राम लाई थी। एक-एक विधायकों को पैसे का ऑफर किया गया था। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में मध्य प्रदेश सरकार के दो मंत्री जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी गुरुग्राम के होटल में पहुँच गए और 6 विधायकों को निकाल लिया। दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि सभी विधायक वापस आ गए हैं। अब सिर्फ तीन कॉन्ग्रेस विधायक और एक निर्दलीय ही बीजेपी के पास हैं। उनको भी जल्द ही बीजेपी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हम उनके साथ संपर्क में हैं।

सपा विधायक राजेश शुक्ला का कहना है, “कॉन्ग्रेस के नेता गलत कह रहे हैं। ये अजीब बात है कि बचाने वाला खुद कह रहा है कि वो हमें छुड़ा के लाए। ये कॉन्ग्रेस की अंदरूनी लड़ाई है। जो लोग हमें छुड़ाने की बात बोल रहे हैं, हममें इतनी हिम्मत है कि उनको ही छुड़ा कर ला सकते हैं। अगर हमें बंधक बनाया गया था तो ट्रेस कर लें। होटल में सीसीटीवी लगे हैं। उनमें देख लें। जहाँ तक भाजपा नेताओं के संपर्क की बात है, तो अभी तक कोई बात नहीं हुई। करोड़ों रुपए का ऑफर मिलने की बात पूरी तरह से गलत है। किसी भी तरह की कोई भी राशि ऑफर नहीं हुई है और ना ही भाजपा नेताओं से कोई संपर्क किया गया है।”

राजेश ने कहा, “समझ नहीं आ रहा है कि पार्टी के ही नेता बंधक बनाने की बात क्यों फैला रहे हैं. इन्हीं नेताओं के कारण ही तो इस तरह की स्थितियाँ बनती हैं। यकीनन जो अफवाह फैलाई जा रही हैं, उससे पीड़ा होती है।” उन्होंने कहा कि अगर हमें सरकार के साथ नहीं रहना होता तो हम पहले ही उन्हें छोड़ देते। मंत्री बस अपने नंबर बढ़वाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

भाजपा के साथ जाने की बात पर राजेश शुक्ला ने कहा, “हम कमलनाथ सरकार के साथ हैं और हम इसका समर्थन करते रहेंगे। हमारे लिए कोई हॉर्स-ट्रेडिंग ऑफर नहीं किया गया था। हम ईमानदारी से कमलनाथ जी के साथ हैं, अगर उनकी सरकार को किसी भी खतरे का सामना करना पड़ता है, तो यह कुछ कॉन्ग्रेस नेताओं की वजह से है, हमारी वजह से नहीं।”

इसके साथ ही सपा विधायक शुक्ला ने कहा कि दिग्विजय सिंह बुजुर्ग हो गए हैं, इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं। बसपा विधायक रामबाई और संजीव सिंह कुशवाह ने भी खरीद-फरोख्त के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि कोई खरीद-फरोख्त नहीं हुई है। हम पर आरोप लगाने वाले मंत्रियों को सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए।

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