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AI डेटा सेंटर की वजह से बर्बाद हो रहा है अरबों गैलन पानी, पर्यावरण को खतरा

AI डेटा सेंटर की वजह से बर्बाद हो रहा है अरबों गैलन पानी, पर्यावरण को खतरा

AI डेटा सेंटर की वजह से बर्बाद हो रहा है अरबों गैलन पानी, पर्यावरण को खतरा, AI की दुनिया जितनी डिजिटल और वर्चुअल लगती है, उतनी ही यह प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है। खासकर AI डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया जाता है।

AI डेटा सेंटर की वजह से बर्बाद हो रहा है अरबों गैलन पानी, पर्यावरण को खतरा

डेटा सेंटर सालाना कितना पानी इस्तेमाल करते हैं?

एनवायर्नमेंटल एंड एनर्जी स्टडी इंस्टीट्यूट (EESI) के आंकड़ों के अनुसार:

  • मीडियम साइज डेटा सेंटर: सालाना लगभग 110 मिलियन गैलन पानी, जो 1000 घरों के सालाना पानी के बराबर है।
  • बड़े डेटा सेंटर: सालाना लगभग 1.8 बिलियन गैलन पानी, जो 10,000 से 50,000 लोगों के शहर के बराबर है।

डेटा सेंटर को पानी क्यों चाहिए?

AI मॉडल को ट्रेन और रन करने के लिए हजारों पावरफुल सर्वर्स और GPUs का इस्तेमाल होता है। ये सर्वर्स बहुत ज्यादा हीट जेनरेट करते हैं। इसलिए डेटा सेंटर को Evaporative Cooling टेक्नोलॉजी से ठंडा रखा जाता है, जिसमें大量 पानी की खपत होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI के बढ़ते उपयोग के कारण डेटा सेंटर हर साल इतनी भारी मात्रा में पानी इस्तेमाल करते हैं कि सस्टेनेबिलिटी और पानी की कमी वाले इलाकों में गंभीर असर पड़ सकता है।

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