Bijli Bill Yojna: MP में बकाया बिजली बिल के भुगतान की ‘समाधान योजना’ लागू, 15 दिसंबर तक करें आवेदन
Bijli Bill Yojna भोपाल। 31 अगस्त 2020 तक के बिजली बिल की मूल बकाया राशि को एकमुश्त या किश्तों में जमा करने वाली “समाधान योजना” लागू कर दी गई है। ऐसे बायादार उपभोक्ता 15 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। बकाया मूल राशि का 60 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करने पर 100 प्रतिशत अधिभार खत्म होगा और 40 प्रतिशत राशि माफ होगी । बिजली कंपनियों ने बकायादारों के लिए दो विकल्प दिए हैं। दोनों में अलग-अलग राहत दी जाएगी। गौरतलब है कि ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 88 लाख है, जिन पर लगभग पांच हजार करोड़ रुपये का बकाया है।
बकाया राशि के भुगतान के लिए दो विकल्प
1 उपभोक्ताओं को समाधान योजना में बकाया राशि के भुगतान के लिये 2 विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पहले विकल्प के रूप में बकाया मूल राशि का 60 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करने पर 100 प्रतिशत अधिभार की राशि और शेष 40 प्रतिशत मूल बकाया राशि माफ की जाएगी।
2 बकाया मूल राशि का 75 प्रतिशत, 6 समान किश्त में भुगतान करने पर 100 प्रतिशत अधिभार की राशि एवं शेष 25 प्रतिशत मूल बकाया राशि माफ की जाएगी।
दोनों विकल्प में अधिभार 100 प्रतिशत माफ होगा
इन दोनों विकल्पों में अधिभार 100 प्रतिशत माफ होगा। माफ की जाने वाली अधिभार की पूरी राशि और माफ की गई मूल राशि का 50 प्रतिशत संबंधित विद्युत वितरण वितरण कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा। माफ की गई मूल राशि का शेष 50 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन कर इसके एवज में वितरण कंपनी को सब्सिडी दी जाएगी।
उपचुनाव और कोरोना के कारण रोकी गई थी वसूली- उपचुनाव और कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण राज्य सरकार ने 31 अगस्त 2020 तक के बिजली बिलों की वसूली रोक दी थी।
30 दिनों में होगा आवेदन का निराकरण
वितरण कंपनियों को निर्देशित किया है कि योजना में अंतिम तिथि 15 दिसंबर तक प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण 30 दिन में करना सुनिश्चित करें। बिजली उपभोक्ता द्वारा योजना की अंतिम तिथि तक आवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर वितरण कंपनी द्वारा बकाया राशि का समावेश कर आगामी माह के बिल जारी किए जाएंगे।
इनका कहना है
एक किलोवॉट तक के संयोजित भार वाले घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के देयकों की 31 अगस्त 2020 तक की मूल बकाया राशि एवं अधिभार की बकाया राशि के भुगतान में उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “समाधान योजना” लागू की गई है। उपभोक्ता कोई भी विकल्प चुन सकते हैं।
प्रद्युम्न सिंह तोमर,ऊर्जा मंत्री








