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बिहार के ‘अजात शत्रु’ विजेंद्र यादव: 35 साल का बेदाग सफर, 9 बार के अजेय विधायक बने डिप्टी सीएम

बिहार के ‘अजात शत्रु’ विजेंद्र यादव: 35 साल का बेदाग सफर, 9 बार के अजेय विधायक बने डिप्टी सीएम। बिहार की नई सरकार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल हुए वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव को राज्य की राजनीति का “अजात शत्रु” कहा जाता है। करीब साढ़े तीन दशक लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने न सिर्फ अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी, बल्कि एक भी चुनाव नहीं हारने का रिकॉर्ड कायम किया है।

बिहार के ‘अजात शत्रु’ विजेंद्र यादव: 35 साल का बेदाग सफर, 9 बार के अजेय विधायक बने डिप्टी सीएम

सुपौल जिले से आने वाले विजेंद्र यादव लगातार नौ बार विधायक चुने गए हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोसी क्षेत्र की जनता उन्हें “कोसी का विश्वकर्मा” कहकर पुकारती है। 79 वर्षीय नेता ने 1990 में जनता दल के टिकट पर पहली जीत दर्ज की थी और तब से अब तक वे अजेय बने हुए हैं।

 1990 से शुरू हुआ जीत का सिलसिला

विजेंद्र यादव ने 1990 और 1995 में जनता दल के टिकट पर चुनाव जीता। 1995 में उन्हें ऊर्जा विभाग का राज्य मंत्री बनाया गया। बाद में राबड़ी देवी की सरकार में भी उन्होंने मंत्री पद संभाला। इसके बाद से वे हर सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते रहे हैं।

 ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा योगदान

विजेंद्र यादव को बिहार में ऊर्जा क्षेत्र के विकास का प्रमुख चेहरा माना जाता है। उनके कार्यकाल में राज्य को “ढिबरी युग” से निकालकर आधुनिक बिजली व्यवस्था की ओर ले जाने का श्रेय दिया जाता है। खासकर कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र में बिजली और विकास कार्यों को लेकर उनका योगदान काफी अहम रहा है।

कड़क छवि और अनुशासन के लिए मशहूर

राजनीतिक गलियारों में विजेंद्र यादव की छवि एक सख्त और अनुशासित नेता की है। कहा जाता है कि वे काम में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करते। यदि उन्होंने किसी परियोजना की समयसीमा तय कर दी, तो उसे हर हाल में पूरा कराया जाता है।

जात नहीं, जमात की राजनीति

विजेंद्र यादव के बारे में यह भी कहा जाता है कि वे जाति से ऊपर उठकर “जमात की राजनीति” करते हैं। शायद यही वजह है कि उन्हें हर वर्ग का व्यापक समर्थन मिलता रहा है। सुपौल और आसपास के क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ का यही आधार माना जाता है।

 बेदाग छवि, कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं

आज के दौर में जहां राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, वहीं विजेंद्र यादव की छवि पूरी तरह बेदाग मानी जाती है। उनके खिलाफ न कोई आपराधिक मामला दर्ज है और न ही किसी कोर्ट में मुकदमा लंबित है।

 नीतीश कुमार के करीबी

विजेंद्र यादव को नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता है। जब-जब बिहार में उनकी सरकार बनी, विजेंद्र यादव को कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जरूर मिली। कुल मिलाकर, विजेंद्र यादव का राजनीतिक सफर अनुशासन, विकास और भरोसे की मिसाल माना जाता है—और यही वजह है कि वे बिहार की राजनीति में एक मजबूत और विश्वसनीय चेहरा बने हुए हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम