जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: बडगाम मुठभेड़ में लश्कर का मोस्ट वांटेड आतंकी ‘फौजी मूसा’ ढेर

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: बडगाम मुठभेड़ में लश्कर का मोस्ट वांटेड आतंकी ‘फौजी मूसा’ ढेर
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मोस्ट वांटेड टॉप कमांडर फौजी मूसा मारा गया है। सेना और सुरक्षा बलों ने बडगाम के यूसमर्ग स्थित कोराग क्षेत्र के ऊंचे इलाकों में एक संयुक्त अभियान (Joint Operation) के दौरान इस आतंकी को मार गिराया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान भीषण गोलीबारी
सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और अन्य सुरक्षा बलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद जवानों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर ‘सर्च ऑपरेशन’ शुरू किया।
-
मुठभेड़ की शुरुआत: तलाशी के दौरान संदिग्ध हलचल देखने पर जवानों ने आतंकियों को ललकारा, जिस पर उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी।
-
जवाबी कार्रवाई: सुरक्षा बलों की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में लश्कर कमांडर फौजी मूसा मारा गया।
-
कड़ी घेराबंदी: पीर पंजाल पर्वतमाला के घने जंगलों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है ताकि इलाके में छिपे अन्य संभावित आतंकी भाग न सकें।
पाकिस्तानी SSG का पूर्व कमांडो था फौजी मूसा
सूत्रों के मुताबिक, मारे गए आतंकी मूसा का आपराधिक व आतंकी इतिहास बेहद खतरनाक रहा है:
-
पूर्व SSG कमांडो: लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने से पहले वह पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का कमांडो रह चुका था।
-
2022 में घुसपैठ: मूसा वर्ष 2022 में सीमा पार से घुसपैठ कर कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था और युवाओं को भड़काकर आतंकी नेटवर्क मजबूत कर रहा था।
-
5 सितंबर की मुठभेड़ से हुआ था फरार: इससे पहले 4-5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ में मूसा बच निकला था, जबकि उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था।
लश्कर-ए-तैयबा के लिए सबसे बड़ा झटका
पीर पंजाल के दोनों ओर हुए कई आतंकी हमलों में शामिल रहे फौजी मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सुरक्षा बलों ने उधमपुर में रातभर चले एक ऑपरेशन में दो अन्य आतंकवादियों को ढेर किया था। घाटी में आतंकवाद के सफाए के लिए सुरक्षा बलों का ऑल-आउट ऑपरेशन लगातार जारी है।








