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रेलवे में बड़ा बदलाव: 2014 के बाद 486 किमी सुरंगें, ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट पास

रेलवे में बड़ा बदलाव: 2014 के बाद 486 किमी सुरंगें, ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट पास

रेलवे में बड़ा बदलाव: 2014 के बाद 486 किमी सुरंगें, ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट पास।लोकसभा में रेल मंत्रालय के अनुदानों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे में हुए बड़े बदलावों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।

रेलवे में बड़ा बदलाव: 2014 के बाद 486 किमी सुरंगें, ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट पास

उन्होंने बताया कि देश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी से विकास हुआ है। जहां आज़ादी से लेकर 2014 तक केवल 125 किलोमीटर रेल सुरंगों का निर्माण हुआ था, वहीं 2014 के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 486 किलोमीटर तक पहुंच गया है।

इसी दौरान विपक्ष द्वारा लाया गया कटौती प्रस्ताव लोकसभा में ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया, जिससे 2026-27 के लिए रेलवे के बजट प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।

यात्री सुरक्षा और विस्तार पर फोकस

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे में यात्री सुरक्षा, क्षमता विस्तार और नए स्टेशनों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • रेल दुर्घटनाओं में करीब 90% तक कमी आई
  • सुरक्षा को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी
  • आधुनिक तकनीक और सिस्टम पर जोर

 रिकॉर्ड बजट आवंटन

रेल मंत्री के अनुसार, पहले रेलवे का बजट 24–25 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, जो अब बढ़कर लगभग ₹2.72 लाख करोड़ हो गया है।

  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन
  • रेलवे बजट को सामान्य बजट में शामिल करने का बताया बड़ा कारण
  • लगभग सभी राज्यों को मिलेगा फायदा

बढ़ रही जनरल और स्लीपर कोच

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोचों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है:

  • 2024-25 में 1250 अतिरिक्त जनरल कोच जोड़े गए
  • चालू वर्ष में 860 नए जनरल कोच
  • कुल कोचों में 70% हिस्सा जनरल और स्लीपर श्रेणी का

रेलवे का खर्च कहां होता है?

रेल मंत्री ने खर्चों का भी विस्तृत विवरण दिया:

  • स्टाफ पर: ₹1.19 लाख करोड़
  • पेंशन: ₹64 हजार करोड़
  • ऊर्जा: ₹32 हजार करोड़
  • वित्तीय लागत: ₹23 हजार करोड़

साथ ही, विद्युतीकरण के कारण रेलवे को करीब ₹6 हजार करोड़ की बचत भी हुई है।


 केरल में भूमि अधिग्रहण की चुनौती

केरल में रेलवे परियोजनाओं को लेकर मंत्री ने बताया कि 476 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल 65 हेक्टेयर (करीब 14%) भूमि ही अधिग्रहित हो पाई है, जिससे परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

भारतीय रेलवे में बजट, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा के स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सरकार का फोकस अब आधुनिक, सुरक्षित और अधिक क्षमता वाली रेलवे प्रणाली तैयार करने पर है।

 

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