भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में चल रहे शह ओर मात के खेल के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस्तीफा देने की घोषणा कर पूरे ड्रामे का पटाक्षेप कर दिया। पत्रकार वार्ता में कमलनाथ ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि हर 15 दिन में भाजपा कहती थी कि यह सरकार महीने भर की सरकार है फिर भी हमने काम पर ध्यान दिया। आज हमारे 22 विधायक को बेंगलुरु में बंधक बना कर फिर से भाजपा ने चाल चली ।
जनता इनको कभी माफ नहीं करेगी। मैं चाहता था कि हम मेहनत करें। हमने विधानसभा में तीन बार बहुमत साबित किया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ नहीं ये विश्वास घाट प्रदेश की जनता के साथ किया गया।
ये लोग हमेशा सरकार को अस्थिर करने में लगे रहे। हमने वचन पत्र के अनुसार किसानों के कर्जा माफ किये। हमने पहले दिन से काम किये।
15 महीनों में हमने माफिया के खिलाफ अभियान चलाया, भाजपा यह नहीं चाहती थी। मेरा प्रयास था कि अपने प्रदेश को सुरक्षित प्रदेश बनाया जाए। हमने रोजगार के नए साधन बनाये। उन्होनें बताया कि हमने गोशाला बनाई, इंदिरा गृह ज्योति योजना से 1 करोड़ नागरिको को फायदा मिला ये भाजपा को रास नहीं आया। कन्या विवहः में 28 से बढ़ा के 51 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन डबल की। रामवनगमन पथ का काम चल रहा है।
कमलनाथ ने पिछडो को आरक्षण, सहित तमाम योजनाओं को गिना कर कहा कि प्रदेश का विकास भाजपा को रास नहीं आया। जनता ने बदलाव को महसूस किया। जनता का विश्वास हमारे साथ है। जनता का प्रमाण पत्र हमारे पास है।
मेरे हौसले को भाजपा कभी हिला नहीं सकती। राजनीतिक जीवन मे मैने मूल्यों का पालन किया है और करता रहूंगा। आज के बाद कल भी आता है। मैने तय किया है कि राज्यपाल को दोपहर 1 बजे इस्तीफा दूंगा।


















