ममता बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका: TMC के ₹440 करोड़ वाले बैंक खातों पर ED का ‘फ्रीज’ रहेगा बरकरार, कोर्ट ने इस्तेमाल की इजाजत से किया इंकार
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कलकत्ता हाई कोर्ट से बहुत बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज किए गए टीएमसी के बैंक खातों का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से साफ इंकार कर दिया है। ED ने तृणमूल कांग्रेस के जिन तीन बैंक खातों को फ्रीज किया है, उनमें कुल 440 करोड़ रुपये जमा हैं। इस फैसले के बाद पार्टी के सामने अपने दैनिक खर्चों को चलाने का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस के बाद ED का एक्शन: ऐसे उलझा खातों का मामला
इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों और कोर्ट के बीच एक दिलचस्प कानूनी मोड़ देखने को मिला:
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पहले पुलिस ने किया था फ्रीज: सबसे पहले पुलिस ने एक मामले की जांच के दौरान टीएमसी के इन तीन खातों को फ्रीज किया था।
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हाई कोर्ट की दूसरी बेंच ने दी थी राहत: पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ टीएमसी हाई कोर्ट गई थी, जहां एक दूसरी बेंच ने कुछ शर्तों के साथ इन खातों को आंशिक रूप से इस्तेमाल करने की अस्थायी मंजूरी दे दी थी।
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ED ने फिर लगाया ताला: राहत मिलने के कुछ ही समय बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी मामले में एंट्री मारी और उन्हीं तीन बैंक खातों को नए सिरे से दोबारा फ्रीज कर दिया। अब हाई कोर्ट ने ED के इसी ‘फ्रीज’ को हटाने से मना कर दिया है।
पहले रिटायर्ड जज बने थे ‘स्पेशल ऑफिसर’, कोर्ट ने लगाई थीं कड़क शर्तें
इससे पहले जब हाई कोर्ट की सिंगल बेंच (जस्टिस सौगत भट्टाचार्य) ने पुलिस द्वारा फ्रीज किए गए खातों पर सुनवाई की थी, तब पार्टी को 30 सितंबर तक के लिए सशर्त राहत मिली थी। उस समय कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस सुब्रत तालुकदार को स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया था और पैसे निकालने के लिए कड़े नियम बनाए थे:
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सिर्फ रोजमर्रा के खर्च की छूट: पार्टी इन खातों से केवल अपने दिन-प्रतिदिन के जरूरी संगठनात्मक कामकाज का खर्च ही निकाल सकती थी।
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ट्रिपल सिग्नेचर का नियम: बैंक से पैसे निकालने वाले चेक पर पहले टीएमसी के दो अधिकृत पदाधिकारियों के हस्ताक्षर होने जरूरी थे, जिसके बाद स्पेशल ऑफिसर (रिटायर्ड जज) के काउंटर-सिग्नेचर होने पर ही बैंक भुगतान करता।
“आम जनता के लिए तो पुलिस ऐसी तत्परता नहीं दिखाती”— पिछली सुनवाई में कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पुलिस की हड़बड़ी पर गहरी हैरानी और नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने तंज कसते हुए टिप्पणी की थी: ममता बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका: TMC के ₹440 करोड़ वाले बैंक खातों पर ED का ‘फ्रीज’ रहेगा बरकरार, कोर्ट ने इस्तेमाल की इजाजत से किया इंकार
“18 जून को मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज होती है और अगले ही दिन 19 जून को आनन-फानन में बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाते हैं। इस शुरुआती स्टेज पर कोर्ट को ऐसा कोई ठोस आधार या सबूत नहीं दिख रहा, जिसके दम पर इतनी हड़बड़ी में यह कदम उठाया गया। जब आम नागरिक पुलिस के पास मदद के लिए जाते हैं, तब तो ऐसी तत्परता और तेजी शायद ही कभी देखने को मिलती है।”
हालांकि, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने के बावजूद, अब ED द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग और केंद्रीय कानून के तहत खातों को फ्रीज किए जाने के बाद कोर्ट ने ममता बनर्जी की पार्टी को कोई भी राहत देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
— कोलकाता ब्यूरो, विशेष कानूनी रिपोर्ट
