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बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ही रहेंगे नेता प्रतिपक्ष; कोर्ट ने स्पीकर के फैसले पर रोक से किया इंकार

Calcutta HC Shock to TMC: ममता बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका-बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी के 'नेता प्रतिपक्ष' बनने पर रोक लगाने से कोर्ट का साफ इनकार

बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ही रहेंगे नेता प्रतिपक्ष; कोर्ट ने स्पीकर के फैसले पर रोक से किया इंकार

राजनैतिक डेस्क: पश्चिम बंगाल की सियासत में जारी शह और मात के खेल के बीच कलकत्ता हाई कोर्ट से टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के लिए बेहद बुरी ख़बर आई है। कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) बनाए जाने के स्पीकर के फैसले पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगाने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। माननीय अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब साफ हो गया है कि फिलहाल विधानसभा स्पीकर का निर्णय पूरी तरह प्रभावी रहेगा और ऋतब्रत बनर्जी इस पद पर बने रहेंगे।

जस्टिस कृष्णा राव का कड़ा रुख; अंतरिम राहत देने से साफ मना

इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट के माननीय न्यायाधीश की कोर्ट में हुई, जहाँ ममता बनर्जी गुट को मायूसी हाथ लगी:

  • राहत की याचिका खारिज: न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने ममता बनर्जी गुट की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए किसी भी प्रकार की त्वरित या अंतरिम राहत देने से साफ मना कर दिया।

  • हलफनामा दाखिल करने का आदेश: कोर्ट ने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए दोनों पक्षों को अगली सुनवाई से पहले अपने-अपने आधिकारिक हलफनामे (Affidavits) अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं। बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ही रहेंगे नेता प्रतिपक्ष; कोर्ट ने स्पीकर के फैसले पर रोक से किया इंकार

28 जुलाई को होगी अगली महा-सुनवाई; मिला समय

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को अपना-अपना जवाब तैयार करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय कर दी है:

  • प्रतिवादियों को 3 हफ्ते: इस मामले के प्रतिवादियों को कोर्ट के सामने अपना विस्तृत जवाब रखने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया गया है।

  • याचिकाकर्ता को 2 हफ्ते: इसके प्रत्युत्तर में मुख्य याचिकाकर्ता (ममता बनर्जी गुट) को अपना पक्ष रखने के लिए दो हफ्ते की मोहलत दी गई है।

  • 28 जुलाई पर टिकी नजरें: कोर्ट ने साफ किया है कि दोनों पक्षों के हलफनामे आने के बाद अब इस हाई-वोल्टेज मामले की अगली अंतिम सुनवाई 28 जुलाई को की जाएगी। तब तक के लिए बागी ऋतब्रत बनर्जी का पलड़ा भारी रहने वाला है।

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