Latest

Bhopal Hospital: 4 महीने तक महिला के पेट में पड़ी रही सात इंच की कैंची, हालत गंभीर

Bhopal Hospital: 4 महीने तक महिला के पेट में पड़ी रही सात इंच की कैंची, हालत गंभीर । राजधानी में मोतिया तालाब के पास स्थित भोपाल केयर अस्पताल में डाक्टरों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक महिला मरीज की सर्जरी के दौरान कैंची (आर्टरी फोर्सेप) पेट में ही छोड़ दी गई। जिसका पता परिवार के लोगों को चार महीने बाद चला।

पेट में लगातार तेज दर्द होने के बाद चला पता

महिला के पेट में लगातार तेज दर्द होने के बाद जब स्वजनों ने सर्जन के निर्देश पर एक्सरे कराया तो महिला के पेट में कैंची दिखाई दी। जिसके बाद स्वजन फिर आपरेशन के लिए भोपाल केयर अस्पताल लेकर आए। यहां सोमवार को महिला का आपरेशन कर कैंची को निकाला गया है, लेकिन महिला कि हालत बेहद गंभीर हाे गई है। फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

पेट में ट्यूमर होने पर किया आपरेशन

छतरपुर के नौगांव की अजीज फातिमा (55) के पेट में ट्यूमर होने पर सात अप्रैल को भोपाल केयर अस्पताल में आपरेशन किया गया था। आपरेशन डा. अभिषेक शर्मा ने किया। पीड़ित महिला के बेटे अब्दुल जकी ने बताया कि आपरेशन के दौरान डाक्टर ने पेट में कैंची छोड़ दी थी। इसी के कारण मेरी मां के शरीर में संक्रमण फैलता गया। दूसरे अस्पताल इस आपरेशन के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए वापस यहां पर आना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन भी अपनी भूल को स्वीकार कर रहा है। यह भी कह रहे है हजार में एकाध बार ऐसा हो जाता है।

 

वेंटिलेटर पर महिला, नहीं कर रहीं रिस्पांस

महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पा रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि उनके बच पाने की उम्मीद करीब 20 प्रतिशत ही है।

 

आपरेशन के दौरान रक्तस्त्राव को रोकने के काम आती है आर्टरी फोर्सेप

चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि, आर्टरी फोर्सेप एक कैंचीनुमा उपकरण होता है जोकि आपरेशन के दौरान होने वाले रक्त के बहाव को रोकने के काम आता है। इसकी मदद से रक्त वाहिकाओं को दबाकर पूरी तरह बंद कर दिया जाता है जिससे खून नहीं बहता। यह औजार अलग-अलग लंबाई के होते हैं, एक्स रे में नजर आ रहा उपकरण छह से सात इंच का है।

 

पुलिस को शिकायत

महिला के स्वजनों ने शाहजहानांबाद थाने में लिखित शिकायत की है, जिसमें डाक्टरों की लापरवाही को देखते हुए प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने स्वजनों के बयान लेते हुए कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

 

इनका कहना है

 

मैंने उनका चार माह पहले आपरेशन किया था, उनकी आंतें उलझी हुई थी, संक्रमण पूरी तरह से फैल गया था। यही परेशानी का कारण है, मैने कोई कैंची नहीं छोड़ी थी।

  • डा. अभिषेक शर्मा, सर्जन भोपाल केयर हास्पिटल

चार महीने पहले महिला की सर्जरी हई थी। दोबारा पेट में दर्द होने पर पता चला कि पेट में बाहरी वस्तु रह गई है। मैने महिला को बुलाया तब तक हालत गंभीर हो चुकी थी। उनकी फिर सर्जरी कर कैंची निकाल ली गई है। आंतों का गुच्छा बनने के कारण महिला की हालत बिगड़ी है, इसका बाहरी वस्तु से कोई लेना-देना नहीं है। यदि छूटी कैंची के कारण कोई परेशानी होती तो एक-डेढ़ महीने में ही पेट में गंभीर जख्म होने से हालत बिगड़ जाती। वैसे वह कैंची नहीं है छोटी सी आर्टरी होगी। इसे निकालकर हिस्टोपैथी के लिए भेजा है , रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

डा अजय मेहता, निदेशक, भोपाल केयर अस्पताल

हमारे पास शिकायत आने के बाद कार्रवाई करेंगे। अभी पूरे मामले कि हमारे पास कोई जानकारी नहीं है।

  • डा. प्रभाकर तिवारी सीएमएचओ भोपाल

Back to top button