ज्योतिष: कछुए की अंगूठी धारण करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान, जानें किस अंगुली और धातु में पहनना है शुभ

ज्योतिष: कछुए की अंगूठी धारण करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान, जानें किस अंगुली और धातु में पहनना है शुभ

कटनी / भोपाल: सनातन परंपरा और धर्म शास्त्रों में कछुए का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु ने कच्छप (कछुआ) अवतार धारण कर मंदराचल पर्वत को आधार प्रदान किया था। इसी वजह से कछुए को स्थिरता, धैर्य, सुख-समृद्धि और धन का प्रतीक माना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कछुए वाली अंगूठी (Turtle Ring) धारण करने से जीवन में आर्थिक स्थिरता आती है। हालांकि, इसे धारण करने के कुछ बेहद सख्त नियम हैं। यदि इस अंगूठी को सही विधि और दिशा के साथ न पहना जाए, तो यह शुभ फल देने के बजाय नुकसान भी पहुंचा सकती है।

किसे धारण करनी चाहिए यह अंगूठी?

ज्योतिषविदों के अनुसार:

किस धातु में और किस अंगुली में पहनें?

सबसे महत्वपूर्ण नियम: कछुए के मुख की दिशा

अंगूठी पहनते समय कछुए के मुख की दिशा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है:

धारण करने की विधि और शुभ दिन

 इन बातों का रखें विशेष ध्यान

(यह समाचार लोक मान्यताओं और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। )

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