MP TET 2026: सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद MP ESB ने जारी की रूलबुक, 1.5 लाख अध्यापकों के लिए परीक्षा पास करना अनिवार्य; क्या खतरे में है नौकरी?

MP TET 2026: सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद MP ESB ने जारी की रूलबुक, 1.5 लाख अध्यापकों के लिए परीक्षा पास करना अनिवार्य; क्या खतरे में है नौकरी?

भोपाल: मध्य प्रदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक सरकारी स्कूलों में सालों से सेवाएं दे रहे लगभग 1.5 लाख अध्यापकों व सेवारत शिक्षकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कड़े रुख के बाद बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP ESB) ने ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET) 2026’ का विस्तृत शेड्यूल और रूलबुक जारी कर दी है।

इस परीक्षा के सामने आने के बाद से ही सेवारत अध्यापकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या TET पास न कर पाने की सूरत में उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और RTE एक्ट का हवाला

सर्वोच्च न्यायालय ने बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 23 का हवाला देते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों का संवैधानिक अधिकार है।

क्या परीक्षा पास न करने पर नौकरी चली जाएगी?

शिक्षकों के मन में उठ रहे सबसे बड़े सवाल पर स्थिति इस प्रकार है:

  1. सेवा पर असर: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, निर्धारित समय-सीमा (31 अगस्त 2028) तक जो शिक्षक TET पास नहीं कर पाएंगे, उनकी सेवा में निरंतरता/बहाली पर संकट आ सकता है।

  2. पदोन्नति (Promotion) पर रोक: जिन शिक्षकों के पास अपनी सेवा के 5 साल से कम बचे हैं, उन्हें सेवा से तो तत्काल नहीं हटाया जाएगा, लेकिन TET पास किए बिना उन्हें भविष्य में कोई प्रमोशन नहीं दिया जाएगा

  3. शिक्षार्थियों का भविष्य सर्वोपरि: कोर्ट ने टिप्पणी की कि “शिक्षकों की नौकरी के मोह में बच्चों के शैक्षणिक भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता”।

 MP TET 2026: मुख्य तिथियां और परीक्षा शेड्यूल

MP ESB द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल और रूलबुक के अनुसार प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:

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