‘100% प्योर और नैचुरल’ दावों पर FSSAI की बड़ी स्ट्राइक: डाबर समेत 6 दिग्गज कंपनियों पर गिरी गाज, विज्ञापनों से हटाने पड़े दावे
बिजनेस डेस्क: खाद्य उत्पादों के डिब्बों, लेबल और विज्ञापनों पर ‘100% प्योर’ या ‘100% नैचुरल’ लिखकर ग्राहकों को लुभाने वाली कंपनियों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शिकंजा कस दिया है। अथॉरिटी का स्पष्ट कहना है कि इस तरह के दावे अक्सर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं और वैज्ञानिक या तय मानकों के आधार पर इन्हें पूरी तरह सही साबित करना बेहद मुश्किल होता है।
FSSAI की इस सख्त कार्रवाई के बाद 5 बड़ी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग और विज्ञापनों से ‘100%’ वाले दावों को वापस ले लिया है।
इन 5 कंपनियों ने हटाए भ्रामक दावे
FSSAI की निगरानी और कार्रवाई के बाद जिन कंपनियों ने अपने दावों में संशोधन किया है, उनमें शामिल हैं:
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BONN BISCUITS
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Zandu Honey
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AMWAY INDIA
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JUZA FOODS
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एक अन्य प्रमुख ब्रांड
FSSAI के नियमों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग या विज्ञापन में ऐसी भाषा का प्रयोग कतई नहीं होना चाहिए, जिससे ग्राहकों को गलत, भ्रामक या बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी मिले। अथॉरिटी ने साफ किया है कि दावे स्पष्ट, सटीक और ऐसे होने चाहिए जिन्हें प्रयोगशाला जांच में साबित किया जा सके।
Dabur India पर भी हो चुकी है कड़ी कार्रवाई
एफएसएसएआई की इस मुहिम के तहत डाबर इंडिया (Dabur India) भी गाज का शिकार हो चुकी है। अथॉरिटी ने डाबर को अपने कुछ चुनिंदा खाद्य उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने के निर्देश दिए थे।
प्रभावित उत्पाद और उन पर किए गए दावे:
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शहद व एप्पल साइडर विनेगर: ‘100% Pure’ और ‘100% Natural’ के दावे। ‘100% प्योर और नैचुरल’ दावों पर FSSAI की बड़ी स्ट्राइक: डाबर समेत 6 दिग्गज कंपनियों पर गिरी गाज, विज्ञापनों से हटाने पड़े दावे
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वर्जिन नारियल तेल, तिल तेल और गाय का घी: ‘100% Purity Guaranteed’ और ‘100% Organic’।
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नारियल पानी व नारियल दूध: ‘100% Tender Coconut Water’ जैसे दावे।
‘100%’ दावों से क्यों परहेज करने को कह रहा है FSSAI?
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भ्रामक धारणा: किसी भी उत्पाद पर ‘100% प्योर’ या ‘100% नैचुरल’ लिखने से ग्राहकों को लगता है कि उत्पाद में रत्ती भर भी मिलावट, प्रोसेसिंग या प्रिजर्वेटिव्स नहीं हैं।
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प्रमाण की कमी: पैकेजिंग और प्रोसेसिंग के बाद किसी उत्पाद को ‘100% प्राकृतिक’ के मानकों पर खरा साबित करना वैज्ञानिक रूप से आसान नहीं होता।
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कड़े नियम: FSSAI लगातार विज्ञापनों और लेबल की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि ग्राहकों के साथ किसी तरह का धोखा न हो।
