अजय राय की जगह आराधना मिश्रा ‘मोना’ बनीं यूपी कांग्रेस की नई अध्यक्ष, जानिए कितनी संपत्ति की मालकिन हैं और क्या है उनका सियासी सफर
यशभारत डिजिटल डेस्क (लखनऊ):
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने अजय राय की जगह रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश में ब्राह्मण चेहरे के रूप में उभरीं आराधना मिश्रा की यह नियुक्ति आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस का एक अहम और बड़ा रणनीतिक दांव मानी जा रही है।
कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?
आराधना मिश्रा ‘मोना’ की पारिवारिक पृष्ठभूमि सामाजिक और राजनीतिक रूप से काफी प्रतिष्ठित रही है।
-
पिता का नाम और रिकॉर्ड: वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। उनके पिता प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार 9 बार विधायक रहे और एक ही पार्टी व निशान पर चुनाव जीतने के लिए उनका नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज है।
-
शिक्षा व शुरुआती जीवन: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक और एमबीए की पढ़ाई पूरी करने वाली आराधना लंबे समय तक एनजीओ और सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं।
कितनी संपत्ति की मालकिन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?
साल 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, आराधना मिश्रा और उनके पति की संपत्ति में पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है:
1. चल संपत्ति (Mobile Assets):
-
खुद की चल संपत्ति: लगभग ₹1.07 करोड़। इसमें 30 हजार रुपये नकद, 400 ग्राम सोना और 2 किग्रा चांदी शामिल है।
-
हथियार व गैजेट्स: आराधना के पास ₹1.25 लाख की एक पिस्टल, लैपटॉप और मोबाइल फोन मौजूद हैं।
-
पति की चल संपत्ति: उनके पति अंबिका मिश्रा के पास लगभग ₹4.95 करोड़ की संपत्ति, ₹45 लाख की मस्टैंग जीटी कार, 50 ग्राम सोना, 5 किग्रा चांदी और ₹6 लाख के रत्न हैं। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों के शेयर से उनके पास ₹2.26 करोड़ की संपत्ति है।
2. अचल संपत्ति (Immovable Assets):
-
खुद की अचल संपत्ति: लगभग ₹75.20 लाख। इसमें नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित फिरोजशाह अपार्टमेंट/गिरधर अपार्टमेंट में 50% शेयर वाला फ्लैट शामिल है।
-
पति की अचल संपत्ति: लगभग ₹27.25 करोड़। इसमें लखनऊ (मोहनलालगंज) और लखीमपुर खीरी में कृषि योग्य भूमि (मूल्य ₹5.20 करोड़), चारबाग (लखनऊ) में अम्बालिका बिल्डिंग (मूल्य ₹9.30 करोड़) और कैंट (लखनऊ) में रिहायशी संपत्ति (मूल्य ₹12.75 करोड़) शामिल है।
3. वार्षिक आय (Income):
-
आईटीआर (2020-21): आराधना मिश्रा की खुद की वार्षिक आय ₹14.09 लाख (मुख्य जरिया- निवेश) थी। वहीं उनके पति की वार्षिक आय ₹28.43 लाख (स्रोत- कृषि व व्यवसाय) दर्ज की गई।
आराधना मिश्रा का सियासी सफर और विधानसभा की हैट्रिक
पिता के गढ़ से निकलकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत जगह बनाने वाली आराधना मिश्रा का सियासी सफर काफी अनुशासित रहा है:
-
शुरुआती दौर: उन्होंने जमीनी स्तर से राजनीति की शुरुआत की। साल 2000 से वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य रहीं और 2012 के विधानसभा चुनाव में मीडिया अभियान समिति का हिस्सा रहीं।
-
पहला चुनाव (2014): पिता प्रमोद तिवारी के राज्यसभा में जाने के बाद खाली हुई रामपुर खास सीट से उन्होंने 2014 का उपचुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बनीं।
-
हैट्रिक जीत (2017 और 2022): 2017 में बीजेपी की प्रचंड लहर के बावजूद उन्होंने रामपुर खास सीट पर अपनी जीत दर्ज की। इसके बाद 2022 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी को 14,741 वोटों से हराकर लगातार तीसरी बार जीत हासिल की।
-
संगठन में कद: 2019 से वे यूपी विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल (CLP) की नेता के तौर पर काम कर रही हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी मानी जाने वाली आराधना ने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी प्रमुख भूमिका निभाई थी।
yashbharat.com टेक:
कांग्रेस ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर एक अनुभवी, उच्च-शिक्षित और प्रभावशाली ब्राह्मण चेहरे पर दांव खेला है। अब उनके नेतृत्व में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ों को फिर से मजबूत करने और आगामी चुनावों में वापसी करने की पूरी कोशिश करेगी।
