ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी के चरमपंथी कनेक्शन का खुलासा; महिलाओं के प्रति नफरत और कट्टरपंथी सोच आई सामने
संवाददाता (अंतरराष्ट्रीय डेस्क) : फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर विमान को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले सह-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों के अनुसार, हमामी बेहद कट्टरपंथी और चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था। सीएनएन (CNN) की AI-पावर्ड रिपोर्ट और इज़राइली अधिकारियों के बयानों से उसकी नफरत भरी मानसिकता का पर्दाफाश हुआ है।
सोशल मीडिया डिलीटेड पोस्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा
सीएनएन द्वारा हमामी के डिलीट किए गए सोशल मीडिया अकाउंट्स के विश्लेषण से महिलाओं और आधुनिक समाज के प्रति उसकी नफरत भरी और धार्मिक कट्टरता वाली सोच सामने आई है:
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नकाब और काम छोड़ने की शर्त: फरवरी 2022 के एक डिलीट किए गए पोस्ट में उसने लिखा था कि उसकी मां एक ऐसी बहू की तलाश कर रही थीं, जो नकाब पहने और शादी के बाद नौकरी छोड़ दे। जब शुरुआती परिवारों ने इन शर्तों को ठुकरा दिया, तो उसकी मां ने बताया कि उनका बेटा ‘पायलट’ है, जिसके बाद वे परिवार शर्तें मानने को राजी हो गए।
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को-एजुकेशन/वर्कप्लेस का विरोध: एक अन्य पोस्ट में उसने ऐसे कार्यस्थलों (वर्कप्लेस) का कड़ा विरोध किया था जहाँ महिला-पुरुष एक साथ काम करते हैं। उसने दावा किया था कि ऐसी जगहों पर धार्मिक महिलाएं “बर्बाद” हो जाती हैं।
चरमपंथी बैकग्राउंड के कारण पहले भी ट्रेनिंग से निकाला गया था
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राष्ट्रीय एयरलाइन से हटाया गया: द जेरूसलम पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि हमामी को उसकी चरमपंथी विचारधारा और संदिग्ध गतिविधियों के चलते ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन के प्रशिक्षण कार्यक्रम से हटा दिया गया था, हालांकि बाद में उसे वहीं दूसरा पद दे दिया गया था।
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पारिवारिक और करियर पृष्ठभूमि: हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई थीं। फ्लाईदुबई में उसने केवल आठ महीने काम किया था, जबकि इससे पहले वह ‘रॉयल एयर मारोक’ से भी जुड़ा रहा था।
मुझे मार डालो’: इज़राइली पीएम नेतन्याहू का बड़ा बयान
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 1 अक्टूबर को इस मामले पर बयान जारी करते हुए बताया कि सह-पायलट को “कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा” का पाठ पढ़ाया गया था।
“उसके निजी रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि वह बेहद कट्टरपंथी विचारधारा से ग्रस्त था। कॉकपिट में हमले के दौरान उसने क्रू मेंबर्स से कहा था, ‘मुझे मार डालो’, जिससे स्पष्ट होता है कि उसका इरादा सुसाइड अटैक (आत्मघाती हमले) का था।”
– बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री (इज़राइल)
यूएई एजेंसियां कर रहीं आतंकी कोण से जांच
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सुरक्षा अधिकारी फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रहे हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि हमामी का किसी आतंकी संगठन से सीधा संपर्क था या नहीं और इस पूरी घटना के पीछे असली मकसद क्या था।
