Saturday, May 16, 2026
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Apollo Hospital Kidney Transplant Racket!: किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में अपोलो अस्पताल की महि‍ला डॉक्टर का नाम, 25-25 लाख में करते थे सौदा

Apollo Hospital Kidney Transplant Racket: किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में अपोलो अस्पताल की महि‍ला डॉक्टर का नाम, 25-25 लाख में सौदा करते थे।   अपोलो अस्पताल में काम करने वाली सीनियर महिला डॉक्टर का नाम ऑर्गन ट्रान्सप्लांट के मामले में बंगाल से उनके तार जुड़े होने की बात कही जा रही है. पुलिस के मुताबिक वो निजी अस्पताल में 15-16 ऑर्गन ट्रांस्पलांट कर चुकी हैं।

 

दिल्ली पुलिस ने महिला डॉक्टर सहित 7 लोगों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट मामले में गिरफ्तार किया है. इस मामले में बांग्लादेश हाई कमीशन से फर्जी दस्तावेज मिलने की भी बात कही गई है. अपोलो की सीनियर महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया था. अब महिला डॉक्टर का नाम कथित तौर पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए विदेशों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक, महिला डॉक्टर का ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट में बांग्लादेश और भारत में ऑर्गन ट्रांसप्लांट के रैकेट में जुड़े हो सकते हैं. महिला डॉक्टर पर आरोप है कि वो नोएडा के अपने प्राइवेट हॉस्पिटल में 2021 से 23 के बीच में लगभग 15-16 ऑर्गन ट्रांसप्लांट किए थे.

अब डॉक्टर विजया कुमारी का नाम इस गिरोह में शामिल हो सकती हैं, इसलिए अब उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक महिला डॉक्टर पर आरोप है कि वो लोगों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए प्रेरित करती थी महिला डॉक्टर पर आरोप है कि वो कथित तौर पर बांग्लादेश और बिचौलियों से बात करती और अपना एक बड़ा नेटवर्क बनाती. वह अपने पहचान के लोगों के जरिए एनसीआर के प्रमुख अस्पतालों में लोगों ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए फुसलाया जाता था

तीन बांग्लादेशियों को भी किया गया गिरफ्तार

महिला डॉक्टर को गिरफ्तार करने से पहले बांग्लादेश के तीन नागरिकों को गिरफ्तार किया था महिला डॉक्टर किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन हैं वो जूनियर डॉक्टर के तौर पर अपोलो अस्पताल में काम कर रही थीं पुलिस के मुताबिक, इस अंतर्राष्ट्रीय किडनी रैकेट के मास्टरमाइंड का नाम रसेल है जो कि बांग्लादेश का रहने वाला है। फर्जी कागजातों के आधार पर रसेल ही बांग्लादेश से डोनर और किडनी रिसीवर दोनों को ट्रांसप्लांट के लिए भारत लाता था

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम