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अनंत चतुर्दशी: गणपति बप्पा मोरया के जयघोष संग करें विसर्जन, इन नि‍यमों का पालन जरूरी

Ganesh Visarjan

अनंत चतुर्दशी: गणपति बप्पा मोरया के जयघोष संग करें विसर्जन, इन नि‍यमों का पालन जरूरी। हिंदू धर्म में गणेश उत्सव का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. साल 2025 में गणेश उत्सव की शुरुआत 26 अगस्त 2025 से हो चुकी है. गणेश उत्सव के आखिरी दिन बप्पा को विदाई दी जाती है और उनसे अगले साल आने का आग्रह किया जाता है।

 

गणेश उत्सव के आखिरी दिन को अनंत चतुर्दशी

गणेश विसर्जन या गणेश उत्सव के आखिरी दिन को अनंत चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है. यह दिन गणेश भगवान की विदाई का दिन है. इस दिन बहुत सी बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए और कोई ऐसी गलती या भूल ना करें जिससे बप्पा नाराज हो जाएं।अनंत चतुर्दशी: गणपति बप्पा मोरया के जयघोष संग करें विसर्जन, इन नि‍यमों का पालन जरूरी

गणेश विसर्जन के दिन इस बात का विशेष ख्याल रखें कि पूजा-स्थल को साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें. पूजा स्थल पर एक चौकी पर पीला, गुलाबी, या लाल वस्त्र बिछाएं, उस पर स्वास्तिक बनाएं और अक्षत रखें

गणेश जी को विदा करने से पहले उनकी अंतिम पूजा करें. उनको पंचामृत से स्नान कराएं. वस्त्र पहनाएं, तिलक करें और भोग लगाएं, साथ ही उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं।

: “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ.”

गणेश जी के मंत्रों का जाप करें, गणेश जी की आरती करें. साथ ही बप्पा से किसी भी गलती या भूल के लिए क्षमा याचना करें. सावधानी के साथ गणेश जी का विसर्जन करें. उनकी मूर्ति को सावधानी से उठाएं, किसी प्रकार का कष्ट ना दें.मूर्ति को जल में धीरे-धीरे विसर्जित करें, यह कहते हुए: “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ.”

विसर्जन के दिन दान का विशेष महत्व है. इस दिन चावल, दाल,हरी सब्जियां, हल्दी, बेसन, केले का दान जरूरतमंदों को करें. बप्पा के विसर्जन के बाद जरूरतमंद लोगों को दान करें औप बप्पा से आशीर्वाद मांगे। : अनंत चतुर्दशी: गणपति बप्पा मोरया के जयघोष संग करें विसर्जन, इन नि‍यमों का पालन जरूरी

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