अमृतपाल सिंह की पार्टी ने घोषित किया पहला उम्मीदवार; पूर्व PM इंदिरा गांधी के हत्यारे केहर सिंह के बेटे को दिया टिकट
अमृतपाल सिंह की पार्टी ने घोषित किया पहला उम्मीदवार; पूर्व PM इंदिरा गांधी के हत्यारे केहर सिंह के बेटे को दिया टिकट
अमृतसर: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी ‘अकाली दल (वारिस पंजाब दे)’ ने चुनावी बिगुल फूंकते हुए अपने पहले उम्मीदवार के नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया है।
पार्टी ने 61 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी सतवंत सिंह को फतेहगढ़ साहिब जिले की बस्सी पठाना (Bassi Pathana) विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है।
सतवंत सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश के मुख्य मास्टरमाइंड केहर सिंह के बेटे हैं। केहर सिंह को 6 जनवरी 1989 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी।
अमृतसर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा
इस उम्मीदवार के नाम की घोषणा अमृतसर में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई। इस दौरान ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकारी अध्यक्ष (अमृतपाल सिंह के पिता) तरसेम सिंह और फरीदकोट के निर्दलीय सांसद सरबजीत सिंह खालसा मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि सांसद सरबजीत सिंह खालसा खुद इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह के बेटे हैं। बस्सी पठाना के मुस्तफाबाद गाँव के निवासी सतवंत सिंह पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में सरबजीत सिंह खालसा के लिए प्रचार किया था।
‘वारिस पंजाब दे’ का चुनावी एजेंडा: पंथिक परिवारों को सम्मान
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने साफ किया कि उनका मकसद केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि ‘पंथिक सिद्धांतों’ और सिख समुदाय के लिए कुर्बानी देने वाले परिवारों को मान्यता व सम्मान देना है।
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संसदीय बोर्ड में जगह: पार्टी ने सतवंत सिंह के भतीजे सुखविंदर सिंह अगवान को भी अपने संसदीय बोर्ड में शामिल किया है।
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मुख्य चुनावी मुद्दे: आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का पूरा अभियान पंजाब के क्षेत्रीय अधिकारों, सिख राजनीतिक बंदियों (बंदी सिंहों) की रिहाई और प्रमुख पंथक परिवारों को प्रतिनिधित्व देने के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं सांसद अमृतपाल सिंह
पार्टी के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद रहते हुए खड़ूर साहिब सीट से बड़ी जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को लगभग 1.97 लाख वोटों से हराकर इतिहास रचा था। अमृतपाल सिंह को 2023 में अजनाला थाना कांड और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था।








