मुश्किल में फंसे शशि थरूर, पत्नी सुनंदा की मौत के मामले में पुलिस ने माना संदिग्ध

नेशनल डेस्क। सुनंदा पुष्कर की मौत के चार साल बाद दिल्ली पुलिस ने आज पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट फाइल की. आईपीसी की धारा 306 और 498(A) के तहत दायर चार्जशीट में सुनंदा के पति और कांग्रेस नेता शशि थरूर को संदिग्ध बनाया गया है. चार्जशीट के मुताबिक, थरूर संदेह के दायरे में हैं लेकिन उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. इस मामले की अगली सुनवाई 24 मई को होगी. कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 तो दिल्ली के एक होटल में संदिग्ध अवस्था में मृत मिली थीं.
सुनंदा पुष्कर की 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक लग्जरी होटल के कमरे में मौत हो गई थी. घटना से कुछ दिन पहले उनकी पाकिस्तानी जर्नलिस्ट मेहर तरार के साथ टि्वटर पर तीखी बहस भी हुई थी. इस बहस की कथित वजह शशि थरूर और मेहर तरार के बीच नज़दीकियां बताई जाती हैं.
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि सुनंदा की मौत ज़हर की वजह से हुई. उनके शरीर में एलज़ोलम के अंश पाए गए थे. साथ ही उनके कमरे में नींद की गोलियां भी मिली थीं. हालांकि, उनकी मौत किस ज़हर से हुई, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई. चूंकि दोनों की शादी को सिर्फ 7 साल हुए थे इसलिए सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की देखरेख में इस मामले की जांच शुरू की गई.
डॉक्टर सुधीर गुप्ता की अध्यक्षता में एम्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की टीम ने सुनंदा का पोस्टमार्टम किया. उनकी रिपोर्ट में बताया गया कि सुनंदा के शरीर पर चोट के 15 निशान थे. हालांकि, इसकी वजह से उनकी मौत नहीं हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके शरीर पर इंजेक्शन और काटने के निशान भी थे. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सुनंदा के शरीर में एल्प्रोज़लम ड्रग की काफी मात्रा थी.
सुनंदा की विसरा रिपोर्ट में यह भी मालूम चला कि मौत से पहले वो पूरी तरह स्वस्थ थीं और उन्हें ड्रग की ज़रूरत नहीं थी. बोर्ड ने बताया कि ज़हर के कारण उनकी मौत हुई और यह अप्राकृतिक थी.
इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया. हालांकि, इसमें किसी का नाम शामिल नहीं था.
सुनंदा की मौत के एक साल बाद पुलिस की आधिकारिक जांच शुरू हुई. इसके बाद ही विसरा सैंपल्स को जांच के लिए एफबीआई लैब भेजा गया. यहां हुई जांच में सुनंदा के विसरा में एल्प्रोज़लम और हाइड्रो क्लोरोक्विन मौजूद होने की पुष्टि हुई. लेकिन इसमें यह भी कहा गया कि विसरा की रेडियो-केमेस्ट्री जांच में इसकी मात्रा तय सीमा से काफी कम पाई गई.
सुनंदा के बेटे शिव मेनन ने दिल्ली पुलिस प्रमुख बीएस बस्सी को लिखा कि अगर एम्स डॉक्टर उनकी मौत की वजह तलाशने में नाकामयाब हैं तो दूसरे डॉक्टर्स से सलाह ली जाए.
इस मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी रहीं. बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली हाईकोर्ट में पीआईएल दायर कर सीबीआई जांच और संयुक्त जांच टीम बनाने की अपील की. वे इससे पहले भी गृह मंत्रालय से इस मामले को सीबीआई को सौंपने की अपील कर चुके थे. हालांकि, गृह मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली पुलिस एसआईटी जांच में काफी आगे पहुंच चुकी है और ऐसे में केस सीबीआई को सौंपने से देरी हो सकती है.
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा स्वामी की याचिका खारिज होने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.








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