मध्यप्रदेश

ऑनलाइन हाजिरी का विरोध तेज , शिक्षकों ने कहा- तैयारी पूर्ण नहीं

भोपाल। एम शिक्षामित्र एप से ऑनलाइन हाजिरी का फिर विरोध शुरू हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग एक अप्रैल से इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कर रहा है। उधर, शिक्षक-अध्यापक इसके खिलाफ हैं। उनका कहना है कि सरकार बगैर तैयारी के व्यवस्था लाद रही है।

उनका दावा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनुपस्थिति का आंकड़ा ज्यादा रहेगा, क्योंकि वहां सेल्युलर कंपनियों का नेटवर्क नहीं है। प्रदेश में 2.84 लाख अध्यापक और 1.80 लाख शिक्षक हैं।

शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी को लेकर दो साल से प्रदेश में नाराजगी चल रही है। शिक्षक और अध्यापक इसके खिलाफ हाईकोर्ट भी जा चुके हैं, लेकिन स्थाई राहत नहीं मिली। विभाग के मंत्री विजय शाह ने इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए तो इसके बाद विभाग ने एक अप्रैल से एप के माध्यम से हाजिरी लगाने का निर्णय लिया।

व्यवस्था के मुताबिक शिक्षक-अध्यापकों को एम शिक्षामित्र एप डाउनलोड करना पड़ेगा। शिक्षक जैसे ही स्कूल पहुंचेगा, उसकी लोकेशन ट्रेस हो जाएगी। वहां पहुंचकर शिक्षक को हाजिरी लगाना है, जिससे लोकेशन लॉक हो लाएगी। विभाग ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन हाजिरी न लगने पर शिक्षकों-अध्यापकों को उस माह का वेतन नहीं मिलेगा।

हाजिरी में आड़े आएंगी ये समस्याएं

अव्वल तो किसी भी सेल्युलर कंपनी का ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं है। पुराने शिक्षक एंड्रायड मोबाइल चलाना नहीं जानते हैं तो कुछ एप के माध्यम से हाजिरी लगाने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों (बीआरसीसी, बीएसी, जनशिक्षक) को आने वाली है। इन कर्मचारियों को दिनभर घूमना पड़ता है। ऐसे में उनकी हाजिरी कहां ली जाएगी।

वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

शिक्षक और अध्यापकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था में विकल्प रखने की मांग की है। मप्र शासकीय अध्यापक संगठन के प्रदेश संयोजक उपेंद्र कौशल ने बताया कि जब तक नेटवर्क की समस्या का समाधान नहीं हो जाता, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही व्यवस्था जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को एंड्रायड मोबाइल और एप चलाना नहीं आता है, उन्हें इसका प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button