रात 3 बजे छापेमारी में मिला 3 किलो सोना, सब्यसाची दत्ता के राजदार के घर पहुंची पुलिस
कोलकाता/नदिया: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के मामलों के बीच अब पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के 3 बजे बिधाननगर उत्तर थाने की पुलिस ने नदिया जिला परिषद सदस्य और टीएमसी नेता टीना भौमिक (साहा) के तेहट्टा और करीमपुर स्थित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का 3 किलो सोना और जमीन के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
जबरन वसूली केस में फंसे सब्यसाची दत्ता ने उगला राज
यह पूरी कार्रवाई टीएमसी नेता और बिधाननगर नगर निगम के अध्यक्ष सब्यसाची दत्ता की निशानदेही पर हुई है।
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8 जून को हुई थी गिरफ्तारी: सब्यसाची दत्ता को जबरन वसूली (Extortion) के आरोप में 8 जून को गिरफ्तार किया गया था।
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50 किलो सोने की रसीद: कुछ दिन पहले सब्यसाची के घर से 50 किलो सोना खरीदने की रसीदें मिली थीं, जिसके बाद पुलिस के होश उड़ गए।
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तड़के 3 बजे रेड: पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने से ठीक पहले, पूछताछ में सब्यसाची ने अपनी करीबी दोस्त टीना भौमिक का नाम उगला। इसके बाद पुलिस सब्यसाची को साथ लेकर रात में ही टीना के पिता के घर और ससुराल पहुंच गई।
लॉकेट, हार और चूड़ियां… दो घरों से निकला सोने का खजाना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि बरामद किया गया सोना सब्यसाची दत्ता के अवैध पैसों से ही खरीदा गया था, जिसे छिपाने के लिए टीना के घर पर रखा गया था। बरामद किए गए आभूषणों में सोने के भारी हार, चूड़ियां, लॉकेट, झुमके और कई अन्य कीमती चीजें शामिल हैं। पुलिस ने सोना और जमीन के कागजात जब्त कर लिए हैं और टीना भौमिक को गुरुवार को बिधाननगर थाने में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समन (नोटिस) जारी किया है।
कौन हैं टीना भौमिक और क्या है विवाद?
टीना भौमिक साहा नदिया जिला परिषद की सक्रिय सदस्य हैं और जिले में ‘तृणमूल बंगजननी’ की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। राजनीति में उन्हें सब्यसाची दत्ता का बेहद करीबी माना जाता है। इससे पहले टीना का नाम प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में भी उछला था, जब स्थानीय विधायक तापस साहा ने उन पर अवैध रूप से नौकरियां लगवाने का आरोप लगाया था।
“यह राजनीतिक साजिश, घर की महिलाओं के गहने छीने” – टीना भौमिक
इस महा-छापेमारी पर सफाई देते हुए टीएमसी नेता टीना भौमिक ने इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। टीना ने कहा:
“यह सब राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है। सब्यसाची दत्ता से मेरा सिर्फ राजनीतिक संबंध है, हम 2025 में मिले थे और वह कुछ कार्यक्रमों में आए थे। पुलिस ने मेरी मां, भाई की पत्नी समेत परिवार की 7 महिलाओं के निजी गहने जब्त कर लिए हैं। मैं इस अन्याय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी।”
पश्चिम बंगाल में इस बरामदगी के बाद एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है और विपक्ष टीएमसी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरने में जुट गया है।
