चुनाव में हार… और कट गया पत्ता! जानिए क्यों 1980 से बीजेपी के वफादार रहे जॉर्ज कुरियन को गंवाना पड़ा मंत्री पद?

बड़ी खबर: केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से किया मंजूर

चुनाव में हार… और कट गया पत्ता! जानिए क्यों 1980 से बीजेपी के वफादार रहे जॉर्ज कुरियन को गंवाना पड़ा मंत्री पद?

नई दिल्ली/भोपाल: मोदी सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन (George Kurian) ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद रहे जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह कदम उठाया गया है।

 21 जून को समाप्त हुआ था राज्यसभा कार्यकाल

जॉर्ज कुरियन मोदी कैबिनेट 3.0 में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री (MoS) के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद के रूप में उनका कार्यकाल आधिकारिक तौर पर 21 जून, 2026 को समाप्त हो गया, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अपना त्यागपत्र सौंप दिया।

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जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा न भेजे जाने के पीछे केरल विधानसभा चुनावों के समीकरणों को देखा जा रहा है: चुनाव में हार… और कट गया पत्ता! जानिए क्यों 1980 से बीजेपी के वफादार रहे जॉर्ज कुरियन को गंवाना पड़ा मंत्री पद?

1980 से बीजेपी के वफादार रहे हैं जॉर्ज कुरियन

65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन केरल बीजेपी के एक बेहद कद्दावर और पढ़े-लिखे नेता माने जाते हैं:

जॉर्ज कुरियन ने 9 जून, 2024 को केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली थी और अगस्त 2024 में वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे। अब उनके इस्तीफे के बाद खाली हुए मंत्रालयों का प्रभार किसे सौंपा जाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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