
अमृतसर। जलियांवाला बाग में जनरल डायर द्वारा किए गए नरसंहार को 13 अप्रैल 2019 को 100 साल पूरे हो गए हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने शहीदों को श्रध्दांजलि दी है और ट्वीट कर उन्हें याद किया है। देश के उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू भी नरसंहार के सौ साल पूरे होने पर जलियांवाला बाग स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने शहीदों को याद करते हुए उनकी स्मृति में 100 का नया सिक्का और पोस्टल स्टाम्प भी जारी किया है।
इस घटना पर ब्रिटिश सरकार ने हाल ही में औपचारिक तौर पर माफी मांगी थी। 100 साल पहले 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दिया था। स्वर्ण मंदिर के पास स्थित जलियांवाला बाग में 15-20 हजार भारतीय शांति से सभा कर रहे थे। वहीं, कुछ लोग ऐसे थे जो परिवार के साथ मेला देखने और शहर घूमने के लिए आए हुए थे।
इस सभा का आयोजन पंजाब के दो लोकप्रिय नेताओं को गिरफ्तारी और रोलेट एक्ट के विरोध में किया गया था। तभी जनरल डायर ने बाग से बाहर निकलने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए और 10 मिनट तक करीब 1650 राउंड गोलियां चली थीं। इस घटना में करीब 1000 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 1500 से ज्यादा घायल हुए थे।








