मध्यप्रदेश

सोच को सलाम : कैंसर से जूझ रही प्रतिभा, ये जानने के बाद भी की शादी

इंदौर। कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज को शरीर की तकलीफ के साथ ही समाज से भी लड़ाई लड़नी होती है। उसके साथ लोगों का जिस तरह का व्यवहार होता है, उससे वो और डिप्रेशन में आ जाता है। मक्सी की रहने वाली प्रतिभा सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ, जब 2006 में उन्हें पता चला कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है। तब ऑपरेशन कर एक ब्रेस्ट निकाल दिया गया। एक तरफ प्रतिभा जहां दर्द से गुजर रही थी, वहीं लोगों के तानों से भी। यहां तक कि घर वालों ने भी सहयोग नहीं किया। फिर हिम्मत कर इंदौर आ गई।

प्रतिभा ने बताया कि इंदौर में संगिनी केयर सोसायटी से मिली, जिसने बहुत हिम्मत दी। एक कंपनी में जॉब की, वहां लोग शादी की बात करते थे। मैं कहती थी कि मेरी शादी नहीं हो सकती। तभी मेरे एक दोस्त पुष्पेंद्र सिंह जो अब मेरे पति हैं, ने कहा ऐसा नहीं हो सकता। मैं तुम्हारे लिए लड़के ढ़ू़ंढूंगा और सही में उन्होंने कई रिश्ते देखे। लोग पढ़ाई और फोटो देखकर तैयार हो जाते थे लेकिन जब उन्हें पता चलता कि मुझे कैंसर था तो सब मना कर देते थे। बाद में पुष्पेंद्र ने खुद मेरे पिता से बात कर कहा कि मैं प्रतिभा से शादी करूंगा।

कई लोगों ने पुष्पेंद्र से कहा कि तुम अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो, बाद में पछताओगे लेकिन पुष्पेंद्र ने हमेशा कहा कि मैंने एक बार निर्णय ले लिया है, अब जो भी होगा देखा जाएगा। शादी के बाद भी लोग इंतजार कर रहे थे कि तलाक हो जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हम तो कैंसर को भूल भी चुके थे। दो बार बच्चा होने वाला था लेकिन हो नहीं पाया। बाद में इसके लिए इलाज करवाया लेकिन 2014 में पता चला कि फिर कैंसर हो गया है। अभी भी मेरा इलाज चल रहा है। कीमो हो रही हैं और उसके बाद ऑपरेशन होगा। प्रतिभा कहती हैं कि आज तक कभी पुष्पेंद्र ने कभी इस बारे में कोई जिक्र भी नहीं किया।

पुष्पेंद्र से बात करने पर उनका प्रतिभा के लिए प्रेम और समर्पण साफ झलकता है। वे कहते हैं कि जितने गुण प्रतिभा में हैं, वो किसी में नहीं हो सकते। मेरी मां भी प्रतिभा को दूसरी बहुओं से ज्यादा प्यार करती हैं। प्रतिभा जितनी हिम्मत से जिंदगी से लड़ रही है मैं तो उसे देखकर ही सोचता हूं कि मैं खुशकिस्मत हूं कि वो मेरी जिंदगी में आई। ये तो एक बीमारी है, आई है चली जाएगी। जिंदगी तो चलती रहती है।

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