सुप्रीम कोर्ट ने कहा- स्पेक्ट्रम शेयरिंग का आधार बताए सरकार,रिलायंस की सुनवाई 24 अगस्त को
Supreme-Court
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दूरसंचार विभाग (डीओटी) से कहा है कि वह टेलीकॉम कंपनियों द्वारा स्पेक्ट्रम शेयरिंग के तरीके का आधार बताए।
इसके साथ ही विभाग से यह बताने को भी कहा गया है कि स्पेक्ट्रम शेयर करने वाली कंपनियों एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के मद में कितनी देनदारी बनती है।
विभाग को यह जानकारी मुहैया कराने के लिए शनिवार (22 अगस्त) तक की मोहलत दी गई है।
जस्टिस अरुण मिश्रा, एस. अब्दुल नजीर और एमआर शाह की पीठ ने डीओटी के सचिव से एक हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा कि जब स्पेक्ट्रम के लाइसेंस दिए गए थे तब उसका उपयोग कौन कर रहा था।
विभाग यह भी बताएगा कि संबंधित कंपनियों के बीच स्पेक्ट्रम शेयरिंग का करार कब से हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने विभाग से जानना चाहा है कि रिलायंस कम्यूनिकेशंस(आरकॉम) के स्पेक्ट्रम का 23 फीसद हिस्सा उपयोग करने के लिए रिलायंस जियो ने कितनी रकम का भुगतान किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।