सरकार के समर्थन में आगे आई पूर्व मिस इंडिया, कहा- भारत को जोड़े रखना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं

मुंबई। जहां एक तरफ JNU जाकर बॉलीवुड अभिनेत्री Deepika Padukone विवादों में घिर गई है।

वहीं दूसरी तरफ एक और अभिनेत्री ने देश में जारी विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार का समर्थन किया है।

अभिनेत्री जूही चावला ने देश के मौजूदा माहौल और सीएए के खिलाफ जारी प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ भी तोड़ने में जरा भी देर नहीं लगती लेकिन चीजों को जोड़ने में वक्त लगता है। उन्होंने कहा कि 125 करोड़ लोगों के भारत को जोड़े रखना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है।
दिल्ली में जेएनयू और मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया में हुए विरोध-प्रदर्शनों में “फ्री कश्मीर” के पोस्टर से मचे विवाद के बीच कई भाजपा नेताओं की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मिस इंडिया जूही चावला ने कहा कि भारत 125 करोड़ लोगों का देश है। उन्हें एकजुट रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। हमें यह नहीं सोचना चाहिए यह सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है। उन्हें एकजुट रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं सबको बताना चाहती हूं कि हमें किसी से जवाब की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। हम क्या कर रहे हैं, हम क्या सोच रहे हैं, यह हमें अपने अंदर झांक कर देखना चाहिए।U
बाद में संवाददाताओं से बातचीत में जूही चावला ने कहा कि हम प्रतिक्रिया तो तुरंत देते हैं लेकिन प्रत्युत्तर नहीं देते। क्या हमने पहले मुद्दे को समझने की कोशिश की है? मेरा मानना है कि इसी जल्दबाजी में गलतियां होती हैं। हमें यह समझने की जरूरत है। इसलिए हमेशा जोड़ने की बात करें तोड़ने की नहीं। हालांकि जूही चावला ने जेएनयू में दीपिका पादुकोण के पहुंचने पर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। अभिनेता दिलीप ताहिल ने कहा कि जेएनयू की समस्या नागरिकता संशोधन कानून से संबंधित है। विश्वविद्यालयों में छात्रों के प्रदर्शन पूर्व नियोजित और पूर्वरचित हैं।








