मध्यप्रदेश

संबल योजना का लाभ लेने यहां 950 से ज्यादा मिले फर्जी गरीब मजदूर

श्योपुर। बिजली कंपनी ने ऐसे 950 से ज्यादा लोगों को पकड़ा है, जो संपन्न् हैं और बिजली बिल माफ कराने के लिए गरीब-मजदूर बन गए हैं। बिजली कंपनी ने इन्हें अपात्र घोषित कर बिजली बिल माफ करने से इनकार कर दिया है। संबल योजना के तहत बिजली कंपनी की दो योजनाएं चल रही हैं, इनमें एक सरल योजना के तहत गरीबों को 200 रुपए महीने में बिजली दी जाती है। दूसरी समाधान योजना है।

इसके तहत जून 2017 तक का बकाया बिल माफ किया जा रहा है। पूरे जिले में अब तक समाधान योजना के लिए करीब 62 हजार और सरल बिल योजना के लिए 30 हजार 600 से ज्यादा ने आवेदन किया है। बिजली कंपनी ने अब तक 60 हजार से ज्यादा लोगों के 60 करोड़ रुपए माफ करने की तैयारी लगभग पूरी हो गई है।

अब तक बिजली कंपनी ने 950 आवेदन ऐसे पकड़े हैं, जो फर्जी तरीके से मजदूर बन गए हैं। इन 950 लोगों के घर आलीशान हैं। कई लोगों के घरों में एसी लगी हैं और नौकर-चाकर हैं, लेकिन बिजली बिल माफ कराने के लिए गरीब व मजदूर बन गए हैं।

फर्जी मजदूरों में श्योपुर शहर सबसे आगे

फर्जी मजदूरों के मामले में जिला मुख्यालय पूरे जिले में सबसे आगे हैं। श्योपुर शहर से ही बिजली कंपनी मंे बिल माफ कराने के लिए 4 हजार से ज्यादा आवेदन पहुंचे हैं। इनमें से 700 से ज्यादा लोग फर्जी मजदूर पाए गए हैं। जबकि, विजयपुर, बड़ौदा व अन्य जगहों पर करीब 250 आवेदन ऐसे पाए गए हैं, जिनका बिल माफ नहीं किया जा सकता।

ऐसे लोगों के आवेदन हो रहे निरस्त

-जिनके घरों में ऐसी लगा है।

-चार कमरों से ज्यादा का मकान है।

-घर में हीटर का उपयोग हो रहा है।

-घर में किराएदार रखा हुआ है।

-बीपीएल या संबल योजना में पंजीयन नहीं कराया।

अपात्रों के नहीं माफ होंगे बिल

करीब 62 हजार उपभोक्ताओं का 60 करोड़ रुपए से ज्यादा माफ किया जा रहा है। अभी आवेदन आ रहे हैं। जो आवेदन आए हैं, उनमें 950 से ज्यादा अपात्र हैं। सबसे ज्यादा अपात्र श्योपुर शहर में हैं। इनके बिल माफ नहीं होंगे।

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