Jabalpur: श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
जबलपुर। भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा व्यास मुकेश शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था।
उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं।
शताब्दीपुरम स्थित शहनाई मैरिज गार्डन में पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग व उनके जन्म लेने के गूढ़ रहस्यों को कथा व्यास ने बेहद संजीदगी के साथ सुनाया।
कथा प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं।
भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। कथा का संगीतमयी वर्णन सुन श्रद्धालुगण झूमने लगे। विदित हो कि 4 मार्च से 11 मार्च तक चलने वाली इस भागवत कथा के साथ ही रात्रि में महारास लीला का कार्यक्रम भी प्रतिदिन आयोजित हो रहा है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।
इसके साथ ही प्रतिदिन होने वाले भंडारे में भी लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं उक्त आयोजन जित्तू विश्वकर्मा द्वारा किया जा रहा है।

