फर्जी WhatsApp मैसेज से आतंक, 24 घंटे में दो की मौत

तमिलनाडु । एक फर्जी वॉट्सऐप मैसेज की वजह से हड़कंप मचा हआ है. इस मैसेज में लिखा है कि अप्रवासियों पर भरोसा न करें, वे बच्चों का अपहरण करने वाले समूह का हिस्सा हैं. इस फर्जी मैसेज के चलते यहां 24 घंटे के अंदर दो लोगों मौत हो गई.
पुलिकट में बुधवार को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के शक में भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी और उसके शव को एक ब्रिज से लटका दिया.
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और भीड़ का हिस्सा रहे कम से कम 20 लोगों को हिरासत में ले लिया है. मारा गया व्यक्ति उत्तर भारतीय था. जांच में सामने आया कि स्थानीय लोगों को शक हुआ कि वह बच्चों का अपहरण करने के लिए उनके इलाके में आया है और इसलिए उसकी पिटाई कर दी.
ऐसे ही एक अन्य मामले में 63 वर्षीय रुकमणी की तिरुवन्नमलाई जिले के ग्रामीणों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. इस घटना में रुकमणी के चार रिश्तेदार घायल हुए हैं. उनका एक स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है.
रुकमणी के रिश्तेदारों ने बताया कि भीड़ ने उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया और उनकी पिटाई कर दी. एक रिश्तेदार ने कहा, ‘उन्हें सोचना चाहिए कि बच्चों को चॉकलेट देने का मतलब यह नहीं है कि कोई बच्चों का अपहरण ही करना चाहता है. इस घटना के बाद तो मैं बाहर निकलने से डरने लगा हूं.’
भीड़ द्वारा लोगों को मारने के ये सिर्फ दो मामले नहीं हैं.
इससे पहले उत्तर भारत के एक प्रवासी संजय को बिजली के खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया था. जांच में पुलिस को पता चला कि उसे भी बच्चे के अपहरण की कोशिश के शक में गिरफ्तार किया गया है.
वेल्लोर के एसपी पगलवान ने कहा, ‘लोगों को डर है कि उनके बच्चों का अपहरण हो जाएगा. उन्हें यह बताने के लिए वॉट्सऐप मैसेज फर्जी हैं हमने एक टीम तैयार की है जो गांव-गांव में जाकर लोगों से कह रही है कि इस मैसेजेस पर यकीन न करें.’
वहीं तिरुवल्लुवर जिले में एक किन्नर को चाइल्ड ट्रैफिकर समझकर लोगों ने उसकी पिटाई कर दी. वहीं आंध्रा बॉर्डर के कई जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं.
साउथ जोन के आईजी श्रीधर ने कहा कि लोग बिना किसी छानबीन के वॉट्सऐप पर मैसेज फॉरवर्ड कर देते हैं. सभी वॉट्सऐप मैसेज सही नहीं होते हैं. लोगों को ऐसे मैसेजेस पर यकीन नहीं करना चाहिए.








