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वाहनों के बीमा के साथ 15 लाख का दुर्घटना बीमा अनिवार्य, जानिए वार्षिक प्रीमियम

नई दिल्ली। अब कोई भी मोटर चालित वाहन जैसे स्कूटर, बाइक, कार और वाणिज्यिक वाहनों के बीमा के साथ स्वामी-चालक का 15 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अनिवार्य होगा। इसके लिए वार्षिक प्रीमियम 750 रुपये तय किया गया है। इससे दुर्घटना की स्थिति में मृत व्यक्ति के परिजनों को बेहद आवश्यक वित्तीय मदद मिल सकेगी लेकिन अभी वाहनों का बीमा कराना महंगा हो जाएगा। फिलहाल दो पहिया वाहन चालकों का एक लाख और कार चालकों का दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा होता है।

बीमा क्षेत्र की नियामक एजेंसी इरडा ने एक अहम कदम उठाते हुए गुरुवार को नया दिशानिर्देश जारी कर दिया है। दिशानिर्देश के मुताबिक नए या पुराने सभी वाहनों के मोटर बीमा के साथ 15 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा होगा। इसके लिए प्रीमियम की राशि 750 रुपये तय की गई है जिसे बाद में इरडा संशोधित कर सकता है।

बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण ने सभी साधारण बीमा कंपनियों को भी कहा है कि उन्हें इस निर्देश के मुताबिक अपने बीमा पॉलिसियों में संशोधन करना होगा। इरडा ने कंपनियों को कहा है कि अधिसूचना जारी होते ही इस पर अमल किया जाना चाहिए अथवा 25 अक्टूबर तक सभी कंपनियों के लिए ऐसा करना अनिवार्य होगा।

मौजूदा नियम के मुताबिक दोपहिया वाहनों के लिए अभी व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की राशि एक लाख रुपये और कारों के लिए दो लाख रुपये है। लेकिन कई बीमा कंपनियां व्यक्तिगत बीमा की राशि को बढ़ाने का विकल्प ग्राहको को देती हैं लेकिन उसका प्रीमियम काफी ज्यादा होता है।fitch ratings 21 09 2018

सनद रहे कि इस संदर्भ में मद्रास उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा था कि वाहन मालिकों के लिए दुर्घटना बीमा की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 15 लाख रुपये की जानी चाहिए। इससे सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मदद मिल सकेगी।

साधारण बीमा कंपनियों को इरडा ने कहा है कि है कि वे चाहें तो 15 लाख रुपये से ज्यादा की बीमा कवरेज भी दे सकती हैं और इसके लिए वे अलग से प्रीमियम तय कर सकती हैं। इस फैसले को बेहद अहम बताते हुए बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस के एमडी व सीईओ तपन सिंघल का कहना है कि यह एक सही दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

क्योंकि यह दुर्घटना के शिकार बने व्यक्ति को या उसके परिवार को बेहद विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक मदद मुहैया करेगा, जिसकी बेहद जरूरत होती है। दुर्घटना में घायल होने या मौत होने की स्थिति में यह मदद बहुत ही उपयोगी साबित होगी। साथ ही यह देश में बीमा के महत्व को भी बढ़ावा देगा क्योंकि अभी भी बहुत सारे लोग पर्याप्त बीमा नहीं करवाते। इस समस्या का काफी हद तक समाधान इस निर्देश से होगा।

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