लड़ाकू विमान राफेल आने से खुश हुआ राफेल गांव, बांटी मिठाइयां, इनसाइड स्टोरी ऑफ विलेज

 महासमुंद। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के अंर्तगत आने वाले सरायपाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत राफेल में बुधवार को बयार बदली हुई थी। लोग एक-दूसरे से मिलकर खुशियां बांट रहे थे।

गले मिलकर बधाइयां दे रहे थे। दरअसल, यह उत्साह का माहौल युद्घक विमान राफेल के बुधवार को भारत पहुंचने के उपलक्ष्य में था।

इससे देश की सैन्य क्षमता जो बढ़ रही है। यह वही गांव है जो अरबों रुपये के रक्षा सौदे घोटाले में जब राफेल का नाम उछला था, तो यहां के ग्रामीण नाराज थे कि आखिर उनके गांव को क्यों बदनाम किया जा रहा है।

एक समय ऐसा भी आया कि गांव के लोगों ने गांव का नाम बदलने की सिफारिश कर दी थी। इस गांव ने ऐसा क्या कर दिया, जो मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है। लेकिन जब से उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि राफेल युद्घक विमान है, जो हमारी वायुसेना में शामिल होने जा रहा है, तब से उत्साहित थे।

एनएच पर लगा है राफेल गांव के लिए सूचना बोर्ड 

सरायपाली से संबलपुर-ओडिशा राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर सरायपाली से 14 किमी दूर छुईपाली गांव है। यहां से तीन किमी भीतर राफेल गांव है। एनएच पर बकायदा राफेल गांव के लिए सूचना बोर्ड लगा हुआ है। यह ग्राम पंचायत राफेल, परेवापाली, बागद्वारी, देवरीगढ़ ग्रामों से मिलकर बनी है। इन चार गांव की कुल आबादी लगभग 1700 है। लगभग एक हजार मतदाता इस पंचायत में हैं।

क्या है राफेल का अर्थ 

ग्रामीण धनीराम ने बताया कि उडि़या भाषा में राफेल का अर्थ पलायन से है। गांव के लोग रोजी-रोटी के लिए पलायन करते थे तभी अरसे पहले इस ग्राम पंचायत का नाम राफेल हो गया है। मूलत: उड़ि‍या शब्दावली से राफेल नाम लिया गया है।

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