लड़की अंगुलियों की चाल देखकर पढ़ लेती थी पासवर्ड, फिर एटीएम में होता ऐसा खेल

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जबलपुर। इंजीनियरिंग की एक छात्रा एटीएम में पहुंचने वाले ग्राहकों की अंगुली की चाल देखकर उनका पासवार्ड जान लेती थी फिर अपने साथी के साथ ग्राहक को बातों में उलझाकर उसके खाते से हजारों रुपए पार कर देती थी। काफी दिनों से सक्रिय इस गैंग का भंडाफोड़ करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने इंजीनियरिंग की छात्रा और उसके साथी को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है।

एएसपी क्राइम सूरज वर्मा ने बताया कि एटीएम में बिना कार्ड बदले भी पैसा निकाले जाने की शिकायतें लगतार मिल रही थीं। करीब 6 महीने पहले एसपी ऑफिस की एक महिला एसआई के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई थी। मामले की शिकायत महिला एसआई ने गोराबाजार थाने में की थी।

इसके अलावा 6 अन्य लोगों ने भी ऐसी ही शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने छतरपुर निवासी दीपक सोनी (28) और उसकी सहयोगी शिवानी मतेले (21) को गिरफ्तार किया है। दीपक और शिवानी पिछले दो साल से इंदौर में रह रहे हैं। शिवानी आईटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। दीपक और शिवानी के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

एएसपी क्राइम के अनुसार शिवानी और दीपक ऐसा एटीएम बूथ ढूंढते थे, जहां दो से तीन मशीनें लगी होती थीं। एटीएम के सामने आरोपी खड़े होकर मोबाइल पर बात करते का ड्रॉमा करते थे। कोई ग्राहक एटीएम में पहुंचकर जैसे ही कार्ड स्वैप करके पासवर्ड डालता, तभी आरोपी ग्राहक से कहते कि आप दूसरी मशीन से पैसे निकाल लें, इस मशीन में मेरे पैसे फंसे हैं।

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ग्राहक जैसे ही दूसरी मशीन में जाकर कार्ड स्वैप करके पासवर्ड डालता तो आरोपी ग्राहक की अंगुलियों की चाल देखकर पिन नंबर पढ़ लेता था। चूंकि पहली मशीन में ग्राहक का पहला ट्रांजेक्शन होता था, इसलिए दूसरी मशीन से उसे नो रिप्लाय का संदेश मिल जाता था। इधर, आरोपी तत्काल पासवर्ड डालकर ग्राहक के खाते से अधिकतम रुपए निकाल लेते थे।

कई बड़े जालसाज होंगे बेनकाब

एएसपी के मुताबिक दीपक और शिवानी से पूछताछ की जा रही है। ऐसा अनुमान है कि उनके गिरोह में कई और इंजीनियरिंग छात्रों के अलावा धोखाधड़ी करने वाले शामिल हैं। कुछ महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को मिले हैं, जिसके आधार पर जांच की जा रही है।

आईजी ने टीम को किया पुरस्कृत

इस प्रदेशस्तरीय फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले क्राइम ब्रांच और साइबर सेल के एएसआई कपूर सिंह, प्रधान आरक्षक प्रशांत सोलंकी, अमित पटेल, राजाबाबू सोनकर, अजय जैन, नितिन जोशी, महेश मिश्रा को आईजी जयदीप प्रसाद ने नकद इनाम देने की घोषणा की है।