नई दिल्ली / स्पेशल डेस्क ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग नियम: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आई है। रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा कारणों और आग लगने की संभावित घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से रात के समय ट्रेनों के कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का सख्त निर्देश जारी किया है। नए आदेश के तहत अब रात 11:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक (कुल 6 घंटे) ट्रेनों में किसी भी प्रकार की चार्जिंग सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग नियम
रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोनल रेलवे (Zonal Railways) को 26 अक्टूबर को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि इन 6 घंटों में चार्जिंग पॉइंट का पावर सप्लाई हर हाल में काटा जाए और इसमें किसी भी स्तर पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।
ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग नियम: क्यों उठाया गया यह कड़ा कदम?
यह फैसला दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway – SER) में हाल ही में घटी एक गंभीर घटना के बाद त्वरित कार्रवाई के रूप में लिया गया है।
- घटना का ब्योरा: मुंबई-हावड़ा मेल (Mumbai–Howrah Mail) जब ओडिशा के बंडामुंडा (Bandamunda) स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी कोच B-3 में चार्जिंग पर लगा एक पावर बैंक ओवरहीटिंग के चलते धुएं के साथ फट गया।
- सुरक्षा जोखिम: हालांकि रेलवे क्रू ने समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया और कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई, लेकिन रेलवे बोर्ड ने इसे बेहद गंभीर सुरक्षा चूक माना। ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग नियम
रात के समय का खतरा: रात के वक्त अधिकांश यात्री सो रहे होते हैं। ऐसे में यदि किसी फोन या पावर बैंक की ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट या बैटरी ब्लास्ट से धुएं या आग की स्थिति बनती है, तो यात्रियों को तुरंत पता नहीं चल पाता, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है।
2014 का नियम, अब होगी कड़ाई और सख्ती
ट्रेनों में रात को चार्जिंग बंद रखने का यह नियम नया नहीं है।
- शुरुआत (2014): बेंगलुरु-हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस में हुई आगजनी के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की सिफारिशों पर पहली बार 19 जून 2014 को यह नियम लागू किया गया था।
पुनरावृत्ति (2021): मार्च 2021 में भी आग लगने की घटनाओं के बाद इसे पुनर्जीवित किया गया था।
ताजा आदेश (2026): बोर्ड ने पाया कि कई ट्रेनों में ऑनबोर्ड स्टाफ की ढिलाई की वजह से रात में भी स्विच चालू रह जाते थे। इसलिए 26 अक्टूबर 2026 को जारी नए सर्कुलर में 2014 के निर्देशों का 100% सख्ती से पालन कराने को कहा गया है।
ऑनबोर्ड कर्मचारियों की जवाबदेही और औचक निरीक्षण
आदेश को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारने के लिए रेलवे बोर्ड ने कड़े इंतजाम किए हैं:
- कर्मचारियों पर कार्रवाई: रात 11 बजे चार्जिंग स्विच ऑफ करने की सीधी जिम्मेदारी ऑन-ड्यूटी इलेक्ट्रिकल/टेक्निकल स्टाफ और ऑनबोर्ड कर्मचारियों की होगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
सरप्राइज इंस्पेक्शन (औचक निरीक्षण): नियम का पालन हो रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए सीनियर ऑफिसर्स और सुपरवाइजर्स की टीम ट्रेनों का औचक निरीक्षण करेगी।
स्टाफ की ट्रेनिंग: ऑनबोर्ड स्टाफ को सुरक्षा मानकों और ओवरहीटिंग की स्थितियों से निपटने के लिए विशेष रूप से काउंसिल और ट्रेन किया जाएगा।
रेल यात्रियों के लिए ज़रूरी सलाह
आगामी त्योहारों (दिवाली और छठ पूजा) के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है:
एडवांस चार्जिंग: अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही मोबाइल, पावर बैंक और लैपटॉप को घर या स्टेशन पर पूरी तरह चार्ज कर लें।
रात के भरोसे न रहें: रात 11 से सुबह 5 बजे के बीच ट्रेनों में चार्जिंग सुविधा बंद रहेगी, इसलिए अपनी जरूरतों की योजना उसी अनुसार बनाएं।
लो-क्वालिटी चार्जर से बचें: यात्रा के दौरान घटिया या लोकल कंपनी के चार्जर/पावर बैंक का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इनसे ओवरहीटिंग और शॉर्ट-सर्किट का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
असामान्य स्थिति की तुरंत सूचना दें: यदि चार्जिंग पॉइंट से स्पार्किंग हो, किसी उपकरण से धुआं निकले या जलने की बदबू आए, तो तुरंत ऑनबोर्ड आरपीएफ (RPF), टीटीई (TTE) या रेलवे स्टाफ को सूचित करें।ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग नियम












