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रोहित शेखर मर्डर: क़त्ल के बाद दोस्तों से व्हाट्सएप पर चैट कर रही थी अपूर्वा!

न्‍यूज डेस्‍क। अपूर्वा की मैसेज हिस्ट्री से इस बात का खुलासा हुआ है कि हत्या के बाद उन्होंने इस मामले को दबाने की कोशिश भी की थी

रोहित शेखर तिवारी की हत्या के मामले में हर दिन नया खुलासा हो रहा है. मामले में रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ल मुख्य आरोपी है और उन्होंने जुर्म कुबूल भी कर लिया है. बता दें कि अपूर्वा ने कहा है कि गुस्से में उनसे ये हो गया, लेकिन उसनके फोन में मौजूद मैसेज हिस्ट्री से इस बात का खुलासा हुआ है कि हत्या के बाद उन्होंने इस मामले को दबाने की कोशिश भी की थी. फिलहाल अपूर्वा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया है.

दोस्तों को मैसेज कर रही थी अपूर्वा
पुलिस के मुताबिक, छानबीन में पता चला कि अपूर्वा ने रोहित के क़त्ल वाले दिन ही देर शाम दोस्तों को व्हाट्सएप के जरिए मैसेज कर बताया था कि मौत की वजह हार्ट अटैक है. अपूर्वा ने इन मैसेज और कुछ कॉल्स डीटेल को छुपाने के लिए पुलिस के बरामद होने से पहले फोन फोर्मेट कर दिया था. यहां तक कि अपूर्वा ने व्हाट्सएप और फेसबुक से भी पूरी चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी.

भाभी से नजदीकी के चलते अपूर्वा नाराज़ थी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रोहित-अपूर्वा के रिश्तों में तनाव था और यही रोहित की हत्या की वजह बनी. वारदात की रात अपूर्वा और रोहित के बीच काफी झगड़ा हुआ था. रोहित नशे में था और अपूर्वा ने तकिये से उसका गला घोट दिया. नशे में होने के कारण रोहित शेखर अपना बचाव नहीं कर पाया. इसके बाद उसकी पत्नी ने सबूत मिटाए. ये सब कुछ 90 मिनट के भीतर हुआ.

जुर्म कबूल करने के बाद साकेत कोर्ट ने अपूर्वा को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. रोहित की हत्या करने वाली उसकी पत्नी अपूर्वा शुक्ला के ‘लॉयर माइन्ड’ को क्रेडिट देते हुए पुलिस ने कहा कि उससे सच्चाई उगलवाना आसान नहीं था. एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “उसने बयानों को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश की. बाद में अपनी शादीशुदा जिंदगी की समस्याओं के बारे में बताया.”
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अपूर्वा शुक्ला तक ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस अधिकारियों को घटनाओं के क्रम को जोड़ने और रोहित शेखर की पत्नी तक पहुंचने में चार दिन का वक्त लगा. जिस दिन रोहित शेखर की मौत हुई, घर में छह लोग थे. छह में से केवल तीन ही लोग ऐसे थे, जिनकी पहुंच पहली मंजिल तक थी. ये तीन लोग थे- अपूर्वा शुक्ला, नौकर गोलू और ड्राइवर अखिलेश. कई दौर की पूछताछ के दौरान, गोलू और अखिलेश अपने बयानों पर अड़े रहे. उन्हें वक्त पर वेतन मिल रहा था और काम संतोषजनक था, लिहाजा उन्हें क्लीन चिट दे दी गई. सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक उस दिन शेखर के रिश्तेदार ऊपर नहीं गए थे. अपूर्वा शुक्ला ही एकमात्र ऐसी थी, जो उस दिन पहली मंजिल पर गई थी और बार-बार बयान बदल रही थी.

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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