राहत की खबर: जल्द पेट्रोल-डीजल पर 8.50 रुपये तक के शुल्क की कटौती संभव
नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने जनता को परेशान कर रखा है। इसके अलावा एलपीजी के भी दाम गत माह तीन बार बढ़ गए हैं। वर्तमान में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 31.8 रुपये और डीजल पर 32.9 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। लोगों को इस बात का इंतजार है कि आखिर कब पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें संतुलित होंगी। इस बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। असल में, सरकार को पूरी उम्मीद है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नियंत्रण में होंगे। केंद्र सरकार के पास अपने राजस्व को नुकसान पहुंचाए बिना पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 8.5 रुपये प्रति लीटर तक घटाने की गुंजाइश है। आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज ने एक नोट में कहा कि अगर सरकार शुल्क नहीं घटाती है तो उसे अगले वित्त वर्ष (2021-22)के दौरान पेट्रो-ईंधनों पर उत्पाद शुल्क के मद में 4.35 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इसके मुकाबले सरकार ने आगामी वित्त वर्ष में उत्पाद शुल्क के मद में 3.2 लाख करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा है।
कैसे होगी यह कटौती, आइये समझें
आइसीआइसीआइ सिक्युरिटीज ने कहा कि इसका मतलब यह है कि वर्तमान भाव पर अगर सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम में 8.5 रुपये प्रति लीटर तक की भी कटौती करती है तो उसे इस मद में राजस्व लक्ष्य हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। कंपनी का यह भी मानना है कि इकोनॉमी में जिस तरह की रिकवरी दिख रही है, उस गति को बनाए रखने के लिए सरकार उत्पाद शुल्क कटौती से परहेज नहीं करेगी। हालांकि कंपनी को लगता है कि सरकार उत्पाद शुल्क में इतनी कटौती नहीं करेगी। पिछले वर्ष मार्च से मई के बीच सरकार ने पेट्रोल पर 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ाया था। इसका मकसद यह था कि उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम एक दशक के निचले स्तर तक गिर गया था, जिसका सरकार को फायदा उठाना था।

