Latest

राष्ट्रपति ने कश्मीर में तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन को दी मंजूरी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद विदेश यात्रा पर गए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लगाने को मंजूरी दे दी है। गठबंधन टूटने के बाद किसी भी दल ने नई सरकार बनाने से इन्कार किया था वहीं भाजपा ने राज्य में राज्यपाल शासन लगाने की अपील की थी।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर को भारत के संविधान में विशेष दर्जा प्राप्त है इसीलिए यहां राज्यपाल और राष्ट्रपति शासन लगने के प्रावधान भी देश के अन्य हिस्सों से भिन्न हैं। राज्य में संवैधानिक तंत्र फेल होने पर जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 92 के तहत राज्यपाल छह महीने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी से राज्य में राज्यपाल शासन लगा सकते हैं। छह महीने के बाद राष्ट्रपति इसे छह महीने के लिए और बढ़ा सकते हैं तब इसे राष्ट्रपति शासन कहा जाएगा।

268035d4 8172 46ef 9268 05bb196342da

जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर पार्टी के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता भीम सिंह कहते हैं कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 में मिले अधिकारों के तहत राष्ट्रपति जम्मू-कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं, लेकिन राष्ट्रपति शासन छह महीने से ज्यादा बढ़ाने के लिए उसे संसद से मंजूर कराना पड़ता है। इस प्रक्रिया से छह-छह महीने बाद संसद की मंजूरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन बढ़ाया जा सकता है।

इससे पहले आठ जनवरी, 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की मृत्यु के बाद जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा था जो चार अप्रैल, 2016 तक यानि कुल 87 दिन तक जारी रहा था।

Leave a Reply

Back to top button