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राष्ट्रपति कोविंद ने खारिज की पहली दया याचिका

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार निवासी एक अभियुक्त की दया याचिका को खारिज कर दिया है। उसे एक ही परिवार के सात लोगों को जिंदा जला देने के आरोप में मौत की सजा दी गई है। पिछले साल जुलाई में राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली दया याचिका है जिस पर कोविंद ने फैसला लिया।

राष्ट्रपति कार्यालय ने इस दया याचिका पर गृह मंत्रालय से राय मांगी थी। मंत्रालय ने पिछले साल 12 जुलाई को अपनी सिफारिश भेज दी थी। राष्ट्रपति भवन से जारी बयान में कहा गया है, “राष्ट्रपति ने दया याचिका को 23 अप्रैल 2018 को खारिज कर दिया।” यह मामला बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड का है। 2006 में जगत राय ने विजेंद्र महतो के घर में आग लगा दी थी जिसमें महतो और उनके छह परिजन मारे गए थे।

महतो ने राय और दो अन्य के खिलाफ भैंस चोरी का आरोप लगाया था। आरोपी मामला वापस लेने का दबाव डाल रहे थे। लेकिन ऐसा नहीं करने पर राय ने हत्या को अंजाम दिया। निचली अदालत ने राय को मौत की सजा सुनाई थी जिसे हाईकोर्ट और 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था। इसके बाद उसने राष्ट्रपति सचिवालय में दया याचिका दाखिल की थी।

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