नगर निगम आयुक्त की लग्जरी कार जाम में न फंसे इसलिए केवल कचहरी चौक और उसके आसपास ड्यूटी बजा रहा नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता, फुटपाथ पर सब्जी करने वाले गरीब कारोबारियों को कर रहा परेशान

कटनी(YASHBHARAT.COM)। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते के निशाने पर इस समय कचहरी चौक है। अतिक्रमण दस्ता पूरे समय केवल एक इसी मार्ग बस की चाकरी में लगा रहता है, कारण है यहां से नगर निगम आयुक्त की लग्जरी कार निकलती है। शहर भर में अतिक्रमण फैला पड़ा है लेकिन 10 से 12 लोगो की फौज केवल कचहरी चौक और उसके आसपास ड्यूटी बजा कर वेतन ले रही है। जबकि यहां फुटपाथ पर सब्जी व्यवसाय के कारण ही चहल पहल रहती है। गौरतलब है कि शहर के कचहरी चौक की कभी बेहद व्यस्त चौराहों में गिनती होती थी। जिसका कारण था, इस चौराहे पर जिला न्यायालय, कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार सहित दूसरे प्रशासनिक कार्यालयों का होना। लेकिन कटनी जैसे ही जिला बना तो उसके बाद इस चौराहे की रौनक धीरे-धीरे गायब होती चली गई। पहले यहां से कलेक्ट्रेट कार्यालय गया और फिर उसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय व जिला न्यायालय भी यहां से चला गया। इन प्रमुख शासकीय कार्यालयों के जाने के बाद चौराहे में चहल-पहल बेहद कम हो गई। थोड़ा बहुत चहल-पहल एसडीएम व तहसीलदार कार्यालय के कारण बची हुई थी लेकिन बीते दिनों एसडीएम व तहसीलदार कार्यालय भी यहां से बाहर शिफ्ट हो गए। जिसके बाद तो यह चौराहा पूरी तरह से सूना हो गया और अब यहां सिर्फ फुटपाथी कारोबारियों की वजह से चलह-पहल रहती है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन अपनी हठधर्मिता पर उतारू है और यहां से फुटपाथी कारोबारियों को भी अतिक्रमण के नाम पर हटाने पर अड़ा हुआ है जबकि यहां के कारोबारियों का कहना है कि यदि इन्हे भी हटा दिया गया तो यह चौराहा पूरी तरत से सूना हो जाएगा और हम चाय पान तक को तरस जाएंगे। ऐसा भी नहीं कि ये फुटपाथी कारोबारी कारोबार करने के नाम पर अति करते हों बकायदा सडक़ किनारे सफेद लाइन के अंदर अपना ठेला टपरा रखकर यहां फिर सफेद लाइन के अंदर जमीन पर बैठकर कारोबार कर अपने व अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। चूंकि जब सभी शासकीय कार्यालय यहां से चले गए तो यहां जाम की स्थिति भी कम ही निर्मित होती है तथा यहां वाहनोंं का दबाव केवल सेंटपॉल स्कूल लगते समय और छूटते समय रहता है। इसके अलावा पूरे समय चौराहा खाली व सूनसान रहता है। इसलिए नगर निगम प्रशासन को चाहिए कि वो यहां कारोबार करने वाले फुटपाथी कारोबारियोंं को बिल्कुल नियम के तहत सफेद लाइन के अंदर कारोबार करने की अनुमति शर्तों के आधार पर दे। जिससे कचहरी चौराहे की रौनक थोड़ा बहुत बची रहे और मध्यम वर्गीय व गरीब तबके के कारोबारियों की रोजी रोटी भी चलती रहे।
कारोबार की जगह खड़ी होने लगी कार
नगर निगम प्रशासन के तुगलकी फरमान के बाद एक बात और देखने को मिली जहां मध्यम वर्गीय सब्जी कारोबारी अपना व्यापार कर अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे, वहां अमीरों की लग्जरी कारे खड़ी होने लगी। जिन्हे रोकने टोकने की हिम्मत नगर निगम प्रशासन में नहीं है। वैसे भी इस चौराहे पर स्थापित वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई की प्रतिमा के चारों तरफ दिन भर अमीरों की कारें पार्क रहती हैं और इन कार के मालिकों का न तो नगर निगम प्रशासन कुछ कर सकता है और न ही पुलिस विभाग कार्रवाई की हिम्मत जुटा पाता है क्योंकि यहां पार्क होने वाली कारें शहर के जनप्रतिनिधियों, नेताओं व अधिवक्ताओं की होती हैं।








