राधे मां फिर आईं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के निशाने पर, रियलिटी शो में जाने पर लिया ये बड़ा फैसला
देश में साधु-संतों और सिद्ध पुरुषों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने राधे मां का बहिष्कार कर दिया है। अखाड़ा परिषद के मुखिया महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि राधे मां न तो कोई संत हैं और न ही कोई तपस्विनी। दरअसल, राधे मां के इस संघ से बहिष्कृत होने का कारण उनका टीवी के चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में जाना है। राधे मां के इस कदम की अखाड़ा परिषद ने कड़ी निंदा की और उन्होंने राधे मां से अपने आप को अलग कर लिया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि ने अपने बयान में कहा है, ‘राधे मां न तो कोई संत हैं और न ही कोई तपस्विनी। अब वह किसी भी अखाड़े से ताल्लुक नहीं रखती हैं। कुछ समय पहले जूना अखाड़ा ने उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि से सुशोभित किया था लेकिन जब उन्होंने अपना असली रंग दिखाया तो असलियत सामने आ गई। उन्हें न तो किसी धर्म की जानकारी है और न ही धार्मिक शास्त्रों के बारे में कुछ पता है। वह बस गाना और नाचना जानती हैं। यह चीज उन्हें न तो कोई धार्मिक व्यक्ति बनाती है और न ही किसी धर्म के लिए उपदेश देने का हक देती हैं।’
जब टीवी पर रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ के 14वें सीजन की शुरुआत हुई तो इसके एक प्रोमो वीडियो में दिखाया गया कि राधे मां ‘बिग बॉस’ के घर में जाकर सबको आशीर्वाद दे रही हैं। इसके बाद ऐसी खबरें आने लगीं कि राधे मां भी ‘बिग बॉस’ के इस सीजन का एक प्रतियोगी के रूप में हिस्सा रहेंगी। हालांकि, बाद में खुद इस शो के होस्ट अभिनेता सलमान खान ने यह साफ कर दिया कि राधे मां घर में सिर्फ घर को और घर के लोगों को आशीर्वाद देने के लिए गई थीं। वह इस शो का कोई हिस्सा नहीं है।
इस पर अखाड़ा परिषद ने तो लोगों से गुजारिश की है कि वह राधे मां को किसी संत, सिद्ध आत्मा या फिर किसी अखाड़ा से संबद्ध करके न देखें और न ही कोई सिद्ध पुरुष इनके साथ कोई काम करेगा। साथ ही नरेंद्र गिरि ने कहा है कि राधे मां अपनी स्वेच्छा से किसी भी रियलिटी शो का हिस्सा बन सकती हैं। वह खुद उनकी मर्जी है और वह इसके लिए पूरी तरह आजाद हैं। लेकिन, उनका राधे मां से कोई ताल्लुक नहीं है। इस पर राधे मां की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।








