
नई दिल्ली। आगामी 23 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए राजनीति तेज हो गई है। इस बीच, भाजपा ने एक दांव ऐसा खेला है कि विपक्षी दल हैरान-परेशान हो रहे हैं।
दरअसल, उत्तरप्रदेश में भाजपा की आठ सीटें तय हैं, लेकिन मोदी-शाह की पार्टी ने अपना नवां उम्मीदवार भी खड़ा कर दिया है। इसी तरह महाराष्ट्र में तीन सीटें पक्की होने के बाद चौथी सीट के लिए प्रत्याशी खड़ा कर दिया है। गुजरात में भी ऐसा हुआ है, जहां दो सीटें तय हैं और तीसरी के लिए भी उम्मीदवार मैदान में उतारा है।
भाजपा को उम्मीद है कि विपक्षी दलों के कुछ विधायक भी उसके प्रत्याशी के लिए वोट कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो राज्यसभा में भाजपा की स्थिति उम्मीद से ज्यादा मजबूत हो जाएगी।
जानिए यूपी का पूरा गणित
यूपी में भाजपा ने अनिल अग्रवाल को नवां उम्मीदवार बनाया है। यहां विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। इस तरह उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने के लिए 37 वोट चाहिए। भाजपा के पास 311 विधायक हैं। इस तरह 296 विधायकों के वोट से उसके 8 सदस्यों की राज्यसभा सदस्यता को पक्की है।
अब भाजपा उम्मीद कर रही है कि बचे हुए उसके वोटों में कुछ विपक्षी वोट मिल जाएं तो नवें सदस्य को राज्यसभा भेजना मुश्किल नहीं है।
सपा नेता नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने के बाद यह रणनीति काम करती नजर आ रही है। नरेश अग्रवार ने कहा है कि उनका सपा विधायक बेटा भाजपा के लिए वोट करेगा।
क्या गुजरात में कांग्रेस एक पर सिमट जाएगी
इसी तरह गुजरात में भाजपा ने तीसरे प्रत्याशी के रूप में पूर्व राज्यमंत्री किरीट सिंह राणा को उतारा है। कांग्रेस को दो सीटें जीतने का भरोसा है, लेकिन भाजपा को उम्मीद है कि कुछ क्रॉस वोटिंग होगी और कांग्रेस का एक ही सदस्य राज्यसभा जाएगा।
गुजरात में एक राज्यसभा सदस्य के लिए 38 वोट चाहिए। भाजपा के 99 विधायक हैं। इस तरह 76 विधायकों के वोट से दो राज्यसभा सदस्य आराम से चुन लिए जाएंगे। अब बचे 23 वोट। कुछ कांग्रेस के वोट मिलें तो भाजपा की रणनीति काम कर सकती है।
महाराष्ट्र में राज्यसभा सदस्य के लिए 42 वोट जरूरी हैं। भाजपा के पास 122 विधायक हैं। इस तरह उसके तीन सदस्यों का राज्यसभा जाना तय है। यहांं चौथे प्रत्याशी के रूप में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहाटकर को उतारा गया है।
वर्तमान में राज्यसभा की 245 सीटों में से एनडीए के 83 सदस्य हैं। इनमें अकेली भाजपा के पास 58 सीट्स हैं। 23 मार्च को 17 राज्यों की कुल 59 सीटों पर चुनाव होने हैं। भाजपा को उम्मीद है कि चुनाव बाद उसके सदस्यों की संख्या कम के कम 92 हो जाएगी








