
नई दिल्ली: कल ही के दिन 21 मई, 1991 को लिट्टे उग्रवादियों ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जान ले ली थी। श्रीलंका में शांति सेना भेजने से नाराज तमिल विद्रोहियों के संगठन लिट्टे ने तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में राजीव पर आत्मघाती हमला किया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता की पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें याद करते हुए एक भावुक ट्वीट किया।

My father taught me that hate is a prison for those who carry it. Today, on his death anniversary, I thank him for teaching me to love and respect all beings, the most valuable gifts a father can give a son.
Rajiv Gandhi, those of us that love you hold you forever in our hearts. pic.twitter.com/BBjESe4D3S
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 21, 2018
बता दें कि 1991 में श्रीपेरम्बदूर में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे राजीव गांधी के पास एक महिला फूलों का हार लेकर आई और उनके बहुत करीब जाकर अपने शरीर को बम से उड़ा दिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी चपेट में आने वाले ज्यादातर लोगों के मौके पर ही परखच्चे उड़ गए। 46 साल के युवा नेता को खोने का मातम पूरे देश में था, किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब राजीव गांधी नहीं रहे। राजीव गांधी 1984 में अपनी मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भारी बहुमत के साथ 40 साल की आयु में भारत के प्रधानमंत्री बने थे।








