राष्ट्रीय
रणनीति बदलने पर मजबूर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बढ़ते जनाधार ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। ममता बनर्जी के एजेंडे में अब हिन्दुओं को लुभाने की तैयारी है और यह संदेश देने की कोशिश है कि वह हिन्दुओं की विरोधी नहीं है।
ममता बनर्जी अब अपनी मुस्लिम तुष्टिकरण की कथित छवि को बदलना चाहती हैं। इसके लिए ममता बनर्जी कई सिग्नल दे रही हैं। हाल ही में गंगासागर दौरे पर गईं ममता बनर्जी कपिल मुनि के आश्रम में एक घंटा गुजारीं और वादा किया कि वह फिर से यहां आएंगी।
ममता बनर्जी 26 दिसंबर को गंगासागर पहुंची थीं यहां पर वह मुख्य पुजारी ज्ञानदास जी महाराज के साथ घंटे भर रहीं। गंगासागर में गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में गिरती है, यहां पर हर साल मकर संक्रांति पर 14 जनवरी को विशाल मेला लगता है। गंगा सागर हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थ स्थल में गिना जाता है। जनवरी में ही ममता बनर्जी की पार्टी ने जनवरी महीने में 5,000 से ज्यादा पंडितों की एक रैली कराने का फैसला लिया है। ध्यान देने की बात यह है कि ममता की पार्टी द्वारा ये आयोजन तब किया जा रहा है जब बीजेपी टीएमसी पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाती रहती है।









