मैं पार्टी नहीं छोडूंगा मुझे निकाल दो, शत्रुघ्न सिन्हा की भाजपा को दो टूक

मंदसौर। जिले के दलौदा कस्बे में शुक्रवार शाम को हुई किसान श्रद्धांजलि सभा में आए भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कई बार प्रधानमंत्री और अमित शाह का नाम नहीं लेते हुए तंज कसे। भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि मैं मन की बात नहीं कर सकता क्योंकि वह किसी का पेंटेंट हैं। दिल की बात करने का हक है इसीलिए पार्टी के खिलाफ भी बोल जाता हूं। उन्होंने लगभग चुनौती देते हुए कहा कि मैं पार्टी को छोडूंगा नहीं, मुझे निकाल दो पर न्यूटन का तीसरा नियम भी याद रखना- क्रिया की प्रतिक्रिया जरूर होगी।
भारतीय किसान मजदूर संघ द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए सिन्हा ने कहा कि भाजपा अब वह पार्टी नहीं रही जो नानाजी देशमुख, अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी के समय थी। अब तो आडवाणी को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया है, पर आज तक मार्गदर्शन लिया नहींं।
दुष्यंत कुमार की कुछ पंक्तियों को दोहराते हुए कहा कि सरकार को चुनाव में किए गए सारे वादे समय पर पूरा हों, यह जरूरी नहीं है, पर दिखना चाहिए कि इन्हें पूरा करने की कोशिश हो रही है। पहले किसानों पर गोलिया चलाईं और अब जांच भी तुम्हीं कर रहे। दर्द भी तुम्ही दोगे और दवा भी तुम्ही दे रहे हो। यह ठीक नहीं है। मेरे सच को बगावत नहीं समझें और समझें तो मैं बागी हूं।
पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि दो दिन पूर्व मंदसौर सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाए थे कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों के कर्ज माफ कर रही है। इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जवाब दिया कि राहुल को ज्ञान नहीं है। पर 27 मार्च 2018 को संसद में भारत सरकार के वित्त राज्यमंत्री शिवशंकर शुक्ला ने जवाब पेश किया था कि 2014 से लेकर 31 दिसंबर 2017 तक सरकारी बैंकों ने 2.72 लाख करोड़ रुपए अपने खाते-बही से हटा दिए थे। मतलब माफ कर दिए। और यह रुपए किसानों व अन्य लोगों के नहीं थे उद्योगपतियों के ही थे। जेटली अभी बीमारी से उठे हैं भूल भी सकते हैं। पूरी सरकार झूठ बोल रही है। मोटा भाई(नरेंद्र मोदी) भी झूठ बोलते हैं जनता को दिग्भ्रमित करते हैं।
कश्मीर में गद्दारों को माफी, किसानों पर गोलियां
विहिप के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि हमारे देश की विचित्र स्थिति हो गई है। कश्मीर में सेना को पत्थर मारने वाले देश के गद्दारों को माफी दी जा रही है और अपनी उचित मांगों के लिए सड़क पर उतरे किसानों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। लागत के मूल्य तय करने के लिए सरकार ने अभी तक आयोग नहीं बनाया है। देश के 70 करोड़ किसानों को एक साथ खड़ा होना पड़ेगा। हम कोई सिंहासन, सत्ता नहीं अपना अधिकार मांग रहे हैं।
भारतीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी ने कहा कि किसी भी दल की सरकार रही हो किसानों की चिंता नहीं की जा रही है। सरकार चाहे तो कर्ज माफ कर सकती है पर वह केवल वोट बैंक समझती है। इस मौके पर गोलीकांड में मारे गए अभिषेक पाटीदार के पिता दिनेश पाटीदार व पुलिस की पिटाई से मृत घनश्याम धाकड़ के पिता दुर्गालाल धाकड़ से भी सभी ने मुलाकात की।







