मेडिकल कॉलेज के डीन,अधीक्षक बदलेंगे

जबलपुर,यभाप्र। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडीकल कालेज चिकित्सालय समेत प्रदेश के सभी मेडीकल कालेजों के डीन और अधीक्षक बदले जाएंगे। हाल ही में राज्य निर्वाचन आयोग को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्थायी डीन की नियुक्ति के लिए पत्र लिखा था। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसकी अनुमति दे दी है। इसके चलते अब विभाग ने स्थायी डीन, अधीक्षक और सभी खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज से नोटशीट मंगाई जा चुकी है। संभावना है कि दिसंबर में आचार संहिता हटते ही इंटरव्यू के माध्यम से खाली पदों पर भर्ती की जा सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलने के बाद आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों को स्वशासी समिति से प्रस्ताव अनुमोदित कराकर भोपाल भेजने के निर्देश दिए थे। मेडिकल कॉलेज से खाली पदों के साथ ही डीन, अधीक्षक के पद के लिए भी प्रस्ताव तैयार करके भेजा जा चुका है। जिसमें डीन, अधीक्षक, सुपर स्पेशिलिटी में खाली पदों के लिए विज्ञापन जारी करना और जीआरएमसी में खाली पदों पर भर्ती होना शामिल है। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग शिव शेखर शुक्ल ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया तो संभागायुक्त को ही करना है। हमने तो सभी मेडिकल कॉलेजों से प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है। निर्वाचन आयोग से हमें सभी पदों को भरने की परमिशन मिल चुकी है। इसी के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। गौरतलब है कि सुपर स्पेशिलिटी में केवल 14 पदों पर ही नियुक्ति हो सकी थी, बाकी पद भरने के लिए दोबारा विज्ञापन जारी होना है। जबकि जीआरएमसी में डेजीग्नेट प्रमोशन के बाद करीब 35 पद खाली हुए हैं। इन पर भी डॉक्टरों की नियुक्ति होना है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने पिछले दिनों जो बैठक ली थी, उसके मिनिट्स में भी डीन के पद का उल्लेख नहीं है। इसमें केवल अधीक्षक की पदस्थापना का उल्लेख किया गया है। जबकि आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी पदों के लिए प्रस्ताव मंगा लिए हैं। प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया ने भी अभी स्थायी डीन की नियुक्ति का जिक्र लिखित आदेश में नहीं किया है। ऐसे में आयुक्त चिकित्सा शिक्षा के द्वारा जल्दबाजी में भर्ती प्रक्रिया का शुरू करना सवालों के घेरे में आ गया है। विभाग में चर्चाएं हैं कि आचार संहिता के बीच प्रक्रिया को पूरा किया जाना है, जिससे की राजनीतिक हस्तक्षेप आड़े नहीं आए।








