Monday, May 18, 2026
अजब गजब

मृत घोषित किए जाने के 10 घंटे बाद फिर से जिंदा हो गई 83 वर्ष की महिला, खुद चुकी थी कब्र, अब अस्पताल में

कीव।  यूक्रेन में 83 साल की एक महिला डॉक्टरों और पुलिस द्वारा मृत घोषित किए जाने के 10 घंटे बाद फिर से जिंदा हो गई। स्टिरजावका शहर की रहने वाली जीनिया दिदुख एक रिटायर्ड नर्स हैं और पिछले रविवार वह स्टेज 3 कोमा में चली गई थीं। परिवार वालों ने घर पर ही डॉक्टरों को इलाज के लिए बुलाया। पहली बार जब डॉक्टर घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जीनिया की हालत काफी गंभीर है और अगर उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो और खराब हो सकती है। ऐसे में उन्होंने उन्हें घर पर ही आराम करने दिया।

डॉक्टरों के जाने के कुछ वक्त बाद जीनिया ने सांस लेना बंद कर दिया। इस बार परिवार ने डॉक्टरों के साथ पुलिस वालों को भी बुलाया। डॉक्टरों ने चेक करने के बाद इस बात की पुष्टि कर दी जीनिया अब इस दुनिया में नहीं रहीं। इसके बाद परिवार वालों ने उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी। स्थानीय अधिकारियों ने उनका डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इसके बाद परिवार ने कब्र खोदने वाले के साथ एक पादरी को भी बुला लिया गया।

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डॉक्टर व्लादीमीर चेबोतारेव की निगरानी में 7 दिन रहीं जीनिया।

डॉक्टर बोले- 37 साल में पहला ऐसा केस देखा
जीनिया का परिवार उन्हें दफनाने की तैयारी कर ही रहा था कि उनकी बेटी को कुछ अजीब महसूस हुआ। उनकी बेटी ने बताया, शाम साढ़े सात बजे जब मैंने उनका माथा छुआ, तो वह गर्म था जिसका मतलब था कि वह जिंदा थी। इसके बाद हम उन्हें अस्पताल लेकर गए। जीनिया का इलाज करने वाले डॉक्टर व्लादीमीर चेबोतारेव ने बताया, मैंने अपने 37 साल के करियर में ऐसा केस पहले कभी नहीं देखा। जब उन्हें अस्पताल लाया गया था तो वह स्टेज 3 कोमा में थीं जिसका मतलब था कि जिंदा होते हुए भी जिंदा लाश जैसी थीं। हमने उन्हें ऑब्जरवेशन में रखा और एक हफ्ते के अंदर ही वह कोमा से बाहर आ गईं।

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मृत घोषित होने पर जीनिया के लिए कब्र खोद दी गई थी।

जीनिया ने कहा-मैंने स्वर्ग में पिता से मिलना चाहती थी
ठीक होने के बाद जीनिया ने कोमा के दौरान क्या देखा के जवाब में उन्होंने कहा, मैंने स्वर्ग देखा और वहां जाकर अपने पिता को आवाज लगाई। मैं उनसे पूछा चाहती थी कि क्या उनके लिए वहां रहना आसान था। मैं उन्हें वहां महसूस कर पा रही थी और मुझे उम्मीद थी कि वह मुझसे मिलेंगे लेकिन, आंखें खोलते ही अपने आस-पास सफेद कपड़े पहने लोग देखे, जिन्हें देखकर पहले मुझे लगा कि वे फरिश्ते हैं, मगर ये तो डॉक्टर थे। मुझे लगता है कि मुझ पर ऊपरवाले की मेहर हुई है जिस कारण मुझे दोबारा जीवन मिला।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम