महिला स्व-सहायता समूह के उत्पाद खरीदेगी मध्य प्रदेश सरकार, बनाई जाएगी नीति
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीब कल्याण सप्ताह के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यक्रम में ऐलान किया कि महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद की ब्रांडिंग, मार्केटिंग के लिए राज्य स्तरीय विपणन महासंघ बनाया जाएगा।
विश्व स्तरीय शोध के लिए राज्य आजीविका संस्थान बनेगा। सरकारी खरीद में महिला स्व-सहायता समूह के उत्पाद को प्राथमिकता देने के लिए नीति बनाई जाएगी। स्कूलों में यूनिफार्म महिला स्व-सहायता समूह की बहनें बनाएंगे।
कपड़ा भी समूह खुद ही खरीदेगा। आंगनबाड़ियों में पूरक पोषण आहार की आपूर्ति भी महिला स्व -सहायता समूहों के महासंघ के माध्यम से होगी। अगले तीन साल में 33 लाख महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जोड़ा जाएगा।
इस वर्ष 1400 करोड़ रुपये का ऋण बैंकों से समूह को दिलाया जाएगा। इसमें उन्हें चार फीसद से अधिक ब्याज नहीं देना होगा। इस सीमा से अधिक ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी। कार्यक्रम के दौरान महिला स्व सहायता समूह को 164 करोड़ों रुपए का ऋण वितरण किया गया।

