चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अफसरों ने बताया कि दाखिले में पहले मप्र के मूल निवासी उम्मीदवारों को मौका दिया जाएगा। सीटें बचने पर ही बाहरी राज्यों के छात्रों को दाखिला मिलेगा। प्रदेश्ा के निजी और सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस की जितनी सीटें हैं, उस लिहाज से मप्र के मूल निवासी उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में मेरिट में हैं। ऐसे में सभी सीटें प्रदेश के उम्मीदवारों से भरने की उम्मीद है।

 

च्वाइस फिलिंग आज से

मेरिट लिस्ट के आधार पर उम्मीदवार 27 जून से 30 जून की रात 12 बजे तक अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स का विकल्प दे सकेंगे। उनके विकल्प के आधार पर सीट आवंटन 4 जुलाई को किया जाएगा। 5 से 12 जुलाई के बीच उम्मीदवार कॉलेजों में दाखिला ले सकेंगे। संयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. जितेन चंद्र शुक्ला ने कहा कि उम्मीदवारों को तय समय में च्वाइस फिलिंग करना चाहिए। साथ ही अच्छे से सोच-समझकर विकल्प देना चाहिए, जिससे उन्हें बाद में परेशानी न हो।

इतनी सीटें हैं

सरकारी मेडिकल कॉलेज- 7

एमबीबीएस सीटें- 900

निजी मेडिकल कॉलेज- 6

एमबीबीएस सीट- 720

सरकारी डेंटल कॉलेज- 1

बीडीएस सीट- 50

निजी डेंटल कॉलेज- 14

बीडीएस सीट- 1122

एमबीबीएस की एनआरआई सीट (निजी)-130

बीडीएस की एनआरआई सीट- 198