मध्य प्रदेश में 62 लाख उपभोक्ताओं की सस्ती बिजली पर संकट, ये है कारण

भोपाल। पूर्ववर्ती कमल नाथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ”इंदिरा गृह ज्योति योजना के 62 लाख बिजली उपभोक्ताओं की सस्ती बिजली पर भी कोरोना का संकट छा गया है । इसकी वजह है मीटर रीडिंग का न हो पाना ।
कमल नाथ सरकार ने इंदिरा गृह ज्योति योजना की पात्रता सीमा तय की थी,उसके मुताबिक यदि 27 दिन में रीडिंग हुई तो 135 यूनिट और 35 दिन में मीटर रीडिंग हुई तो बिजली की खपत 175 यूनिट के अंदर होना चाहिए। इससे अधिक खपत होने पर इंदिरा गृह ज्याति योजना के तहत सौ रूपए में सौ यूनिट बिजली का लाभ उस महीने में नहीं मिल पाएगा,जिस महीने में पात्रता की सीमा से अधिक बिजली खपत हुई है।
मौजूदा हालात में रीडिंग लगभग दो महीने की एकसाथ होने की उम्मीद है इसलिए ऐसे उपभोक्ताओं को यदि सरकार ने अलग से राहत नहीं दी तो उन्हें एक महीने का बिल फ्लेट रेट पर मिल सकता है। सरकार ने अभी औसत बिल जारी करने का दावा किया है ।
मीटर किराया और विद्युत शुल्क भी लगेगा ज्यादा
पिछली सरकार की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ पाने की पात्रता के लिए संशोधन आदेश के बाद अगस्त के ही बिल से लागू कर दिया गया था ,तब सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्रता सीमा के अंदर खपत होने पर मीटर किराया और विद्युत शुल्क का भुगतान उपभोक्ता को नहीं करना होगा लेकिन पात्रता युनिट से अधिक खपत पर यह राशि उपभोक्ता को ही देना होगा । इसके साथ ही यह भी स्पष्ट है कि किसी महीने में पात्रता युनिट की सीमा को पार किया गया तो उस महीने इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आशय साफ है कि मौजूदा कोरोना संकट के दौर में समय पर रीडिंग न हो पाने का खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा ।
पिछले कुछ महीनों में इस योजना का सर्वाधिक फायदा उन उपभोक्ताओं को हो रहा है ,जिनकी खपत कम है । बिजली उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से कम खपत करने पर 60-80 रुपए तक के बिजली बिल जारी हुए हैं।अब तक 100 यूनिट तक मासिक खपत होने पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट एक रुपए के हिसाब से बिल जारी किया जा रहा है। इससे ज्यादा होने वाली प्रति यूनिट सामान्य दर से वसूली जाएगी । 150 यूनिट तक बिजली खपत वाले उपभोक्ता को इस योजना में शामिल किया गया है। इससे ज्यादा खपत जिस महीने गई तो उस माह योजना का लाभ उक्त उपभोक्ता को नहीं मिल पाता है ।








