Saturday, May 16, 2026
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मतगणना से पहले एजेंटों का पुलिस वेरिफिकेशन, अपराध हुए तो नहीं जा पाएंगे काउंटिंग में

जबलपुर,मुनप्र। पुलिस प्रशासन ने मतगणना के लिए सभी चाक चौबंद व्यवस्था की है।मतगणना केन्द्र में हर विधानसभा की मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई हैं। हर टेबल पर हर प्रत्याशी का एक एजेंट रहेगा। साथ ही दो टेबलें डाकमत पत्रों व सेवा मतदाताओं के मतों की गिनती के लिए रहेंगी। इस लिहाज से हर प्रत्याशी को 16 एजेंट नियुक्त करने होंगे, लेकिन प्रत्याशी जिन एजेंटों को मतगणना केन्द्र में ले जाएंगे, उनके नाम व फोटो अपने अपने रिटर्निंग अफसर को देकर परिचय पत्र बनवाने होंगे। परिचय पत्र बनाने से पहले रिटर्निंग अफसर सभी एजेंटों के पुलिस वेरिफिकेशन भी करा रहे हैं। जिन एजेंटों पर अपराध हुए, उन्हें मतगणना केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यानी उसका परिचय पत्र नहीं बनेगा। जो गलत तरीके से मतगणना स्थल के अंदर प्रवेश करते पाया गया तो उस पर कड़ी कार्यावाही की जाएगी। ऐसे में अब प्रत्याशी भी खासा सावधानी बरत रहे हैं। मतगणना केन्द्र में हर टेबल पर हर राउंड में मतों की काउंटिंग के लिए प्रत्याशी अपने एजेंट रखते हैं, लेकिन एजेंट नियुक्त करने के लिए पहले उन्हें सभी चुने गए एजेंटों के परिचय पत्र रिटर्निंग अफसर से बनवाने पड़ते हैं। यानी जिसके पास आरओ का परिचय पत्र होता है उसे ही मतगणना में प्रवेश दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है, जिससे मतगणना केन्द्र में सीमित संख्या में ही लोग प्रवेश कर पाएं। रिटर्निंग अफसरों को प्रत्याशियों ने अपने एजेंटों की लिस्ट भी भेज दी। साथ ही फोटो भी दिए हैं। इसके बाद सभी रिटर्निंग अफसरों ने एजेंटों के नामों को संबंधित पुलिस थानों में वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए हैं। जिससे एजेंटों पर यदि आपराधिक मामले हैं तो उनका पता चल सके। आर ओ ने सभी थानों को रिटर्निंग अफसरों ने पुलिस को जल्द से जल्द वेरिफिकेशन करने के निर्देश भी दिए ं।
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एजेंटों का पुलिस वेरिफिकेशन इसलिए कराया जा रहा है, क्योंकि यदि किसी पर आपराधिक प्रकरण होंगे तो उसका परिचय पत्र नहीं बनाया जाएगा। क्योंकि इस तरह के लोग मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए समस्या की वजह बन सकते हैं।
अमित सिंह ,पुलिस अधीक्षक जबलपुर

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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